राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश, आतंकवाद के समर्थकों पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए दो टूक कहा कि यह शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरा है। इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए और इसके पूरे तंत्र को सामूहिक रूप से खत्म किया जाना चाहिए।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश

एससीओ सदस्यों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है, बल्कि व्यापार को बाधित कर युवाओं के भविष्य को भी बर्बाद करता है। उन्होंने आतंकवादियों को आर्थिक मदद, समर्थन या सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की वकालत की। इससे पहले 15 अक्टूबर को भी उन्होंने चेतावनी दी थी कि सीमा पार से कोई भी आतंकी हरकत होने पर भारत की ओर से बेहद कड़ा जवाब दिया जाएगा।

द्विपक्षीय मुलाकातें

बैठक से इतर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा और ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ से दुशान्बे में मुलाकात की। ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में उन्होंने दोनों देशों के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों और आपसी जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा की।

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