जयपुर। राजस्थान के हालिया निकाय चुनावों के परिणामों ने सभी को चौंका दिया है। प्रदेश की कुल 7 नगर निगम सीटों में से 6 पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि मात्र 1 सीट पर कांग्रेस पार्टी को संतोष करना पड़ा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न निकायों के आए परिणामों में राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प रहे हैं, जहां कई जगहों पर क्रॉस वोटिंग और निर्दलियों ने गेम चेंजर की भूमिका निभाई।
अजमेर में कांग्रेस के पास ज्यादा पार्षद, फिर भी बीजेपी जीती
अजमेर नगर निगम में चुनावी गणित काफी उलटफेर वाला रहा। यहां कुल 80 वार्डों में से कांग्रेस को 37 और भाजपा को 32 सीटों पर सफलता मिली थी, जबकि 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। इसके बावजूद, मतदान के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया और बाजी भाजपा के हाथ लग गई। इस उलटफेर के साथ अजमेर की नई मेयर के रूप में अनामिका ने जीत हासिल की है।
अलवर और उदयपुर में खिला कमल
अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड थे, जिसमें भाजपा को 28 और कांग्रेस को 23 वार्ड मिले, यानी स्पष्ट बहुमत किसी को नहीं मिला। यहाँ 14 निर्दलीय उम्मीदवारों ने किंगमेकर की भूमिका निभाई, जिसके दम पर भाजपा की सुमनलता ने मेयर पद पर कब्जा जमाया। दूसरी ओर, उदयपुर में भाजपा ने पूर्ण बहुमत का प्रदर्शन करते हुए 80 में से 53 वार्डों पर जीत हासिल की और पारस को अपना मेयर बनाया, जहाँ निर्दलीय कोई खास कमाल नहीं दिखा सके।
भरतपुर और पाली का सियासी हाल
पाली नगर निगम में कांग्रेस के पास 29 वार्ड थे, जबकि भाजपा ने 21 वार्ड जीते थे। बहुमत के अभाव के बावजूद राजनीतिक जोड़-तोड़ के जरिए भाजपा की नमिता ने मेयर पद अपने नाम किया। वहीं, भरतपुर नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी अनुराधा ने निर्विरोध मेयर पद पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। खास बात यह रही कि भरतपुर में भाजपा से अधिक सीटें निर्दलियों के पाले में थीं, फिर भी भाजपा अपना मेयर बनाने में पूरी तरह कामयाब रही।
भीलवाड़ा में बीजेपी का बहुमत, बीकानेर में कांग्रेस का एकमात्र कब्जा
भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में से भाजपा ने 45 सीटों पर भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की, और जसवंत यहाँ की मेयर चुनी गईं। इसके विपरीत, बीकानेर एकमात्र ऐसी नगर निगम सीट रही जहाँ कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यहाँ के 80 वार्डों में से कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत का परचम लहराया और अनिल को मेयर की कुर्सी मिली।
इस चुनाव का एक और सकारात्मक पहलू यह रहा कि राजस्थान की इन 7 नगर निगम सीटों में से 5 पर महिलाओं ने जीत दर्ज की है, जो महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत तस्वीर पेश करता है। चुनाव प्रक्रिया के तहत आगामी 25 सितंबर को जयपुर समेत तीन अन्य नगर निगमों और एक नगर पालिका के लिए मेयर व चेयरमैन का निर्वाचन संपन्न होगा।

