एवियन (फ्रांस): फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई, लेकिन इस बैठक का एक बेहद दिलचस्प पहलू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर की गई तारीफ रहा। सम्मेलन के कार्यकारी लंच के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को एक शांत, संतुलित और बेहद दमदार ('काल्म, कूल और टोटल किलर') नेता बताया। अपने खास अंदाज में चुटकी लेते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि वे खुद पीएम मोदी की तरह शांत स्वभाव के नहीं हैं, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष मुस्कुरा उठे। इस हल्के-फुल्की बातचीत की चर्चा अब सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।
लंबे समय बाद दोनों दिग्गजों की सीधी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार, 17 जून 2026 को जी-7 समिट से अलग एक विशेष द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच आमने-सामने की यह मुलाकात पूरे 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद हुई है, जिसके चलते इसे कूटनीतिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है। इस अहम बैठक में भारत और अमेरिका के आपसी रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए दोनों नेताओं ने काफी विस्तार से बातचीत की।
इन बड़े मुद्दों पर केंद्रित रही बातचीत
इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए कई गंभीर और जरूरी विषयों पर चर्चा की गई। इसमें दोनों देशों की आर्थिक प्रगति की रफ्तार तेज करने, रक्षा क्षेत्र में आपसी तालमेल को और मजबूत बनाने और व्यापारिक रिश्तों को बेहतर करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सुरक्षित वैश्विक सप्लाई चेन के निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने और आपसी निवेश को बढ़ावा देने जैसे भविष्य के मुद्दों पर भी सहमति बनाने की कोशिश की गई। वर्तमान वैश्विक हालातों को देखते हुए पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों पर भी दोनों नेताओं ने गहराई से अपने विचार साझा किए।
बैठक के दौरान दिखी दोनों नेताओं की करीबी
इससे पहले मंगलवार, 16 जून 2026 को जी-7 समिट के आउटरीच सेशन के दौरान भी दोनों नेताओं की गर्मजोशी देखने को मिली थी। वर्किंग सेशन की शुरुआत होने से ठीक पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़े उत्साह के साथ एक-दूसरे से हाथ मिलाया और उनके बीच कुछ देर तक अनौपचारिक बातचीत भी हुई। सम्मेलन के मुख्य सत्र के दौरान भी दोनों नेता एक-दूसरे के बिल्कुल बगल वाली सीट पर बैठे नजर आए, जो भारत और अमेरिका के बीच के मजबूत रिश्तों और दोनों नेताओं की आपसी समझ को साफ तौर पर बयां करता है।

