तालाब में डूबे मासूम भाई-बहन, हादसे के बाद गांव में छाया मातम

रोहतास। जिले के करगहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाउर गांव में बुधवार को एक अत्यंत ह्रदय विदारक घटना सामने आई, जहां तालाब में डूबने से सगे भाई-बहन की अकाल मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है। मृत मासूम बच्चों की शिनाख्त बाउर गांव के रहने वाले अनिल बैठा के 8 वर्षीय पुत्र सीटू कुमार और 10 वर्षीय पुत्री दिव्या कुमारी के रूप में की गई है।

घर से खेलने निकले और फिर नहीं लौटे

प्राप्त विवरण के अनुसार, बुधवार के दिन बच्चों के पिता अनिल बैठा किसी निजी कार्य के सिलसिले में घर से कहीं बाहर गए हुए थे। इसी बीच दोनों मासूम बच्चे परिजनों की नजरों से बचकर घर के बाहर खेलने के लिए निकल गए। दोपहर के वक्त जब पिता वापस लौटे, तो बच्चों को घर पर न पाकर उन्होंने उनकी खोजबीन शुरू की। परिवार के सदस्यों ने गांव की गलियों और आस-पास के संभावित स्थानों पर काफी देर तक दोनों को ढूंढा, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।

किनारे पर मिली चप्पलों से खुला राज

शाम ढलने के दौरान जब कुछ स्थानीय ग्रामीण गांव के पास बने तालाब की तरफ से गुजर रहे थे, तो उन्हें पानी के किनारे दो जोड़ी छोटे बच्चों की हवाई चप्पलें लावारिस हालत में दिखाई दीं। चप्पलों को देखकर ग्रामीणों को किसी अनहोनी का गहरा अंदेशा हुआ, जिसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय तैराकों व ग्रामीणों ने तुरंत तालाब के गहरे पानी में बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

शव मिलते ही चीत्कारों से गूंजा गांव

कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। इस दुखद हादसे की सूचना मिलते ही करगहर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और दोनों मासूमों के शवों को अपने संरक्षण में लेकर अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भिजवा दिया। एक साथ दो चिरागों के बुझ जाने से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बच्चों के शवों से लिपटकर विलाप करते पिता को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, वहीं पुलिस ने इस अप्राकृतिक मौत के मामले में वैधानिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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