अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, ट्रंप के हमले और होर्मुज को लेकर बयान से बढ़ी हलचल

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक और सैन्य हमला किया है। यह कार्रवाई हाल ही में तीन अमेरिकी सैनिकों की संभावित शहादत के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए की गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इस हमले में ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर क्षति पहुंची है और अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण समाप्त हो गया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए इन सैनिकों को महान देशभक्त करार दिया और कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उद्देश्य से तैनात थे।

ईरान की सैन्य शक्ति और होर्मुज पर नियंत्रण का दावा

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि सैन्य रूप से ईरान को भारी नुकसान झेलना पड़ा है और उसके पास अब केवल सीमित संख्या में मिसाइलें, ड्रोन और मामूली निर्माण क्षमता ही शेष रह गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है। ट्रंप के अनुसार, यह जलमार्ग अब ईरानी प्रभाव से मुक्त है और अमेरिका इसे पूरी तरह नियंत्रित कर रहा है। हालांकि, उन्होंने शहीद हुए सैनिकों की पहचान या उनकी मृत्यु से जुड़ी विस्तृत परिस्थितियों पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की।

कनाडा के जंगलों की आग पर तीखी प्रतिक्रिया

सैन्य तनाव के अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा के जंगलों में लगी भीषण आग पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि इस आग के धुएं से अमेरिका की हवा जहरीली हो रही है, जिसे तत्काल रोकने की आवश्यकता है। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि कनाडा को इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए, अन्यथा अमेरिका उन पर टैरिफ शुल्क लगा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ, तो अमेरिका इस आग को बुझाने में कनाडा की सहायता के लिए तैयार है।

वैश्विक संबंधों और सुरक्षा पर राष्ट्रपति का रुख

पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत के दौरान ट्रंप ने एयरफोर्स वन विमान की तकनीकी क्षमताओं का भी उल्लेख किया और बताया कि विमान को और अधिक उन्नत बनाने के लिए जल्द ही भेजा जाएगा। उन्होंने स्पेन के साथ संबंधों पर उपजे सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका किसी भी देश के साथ कोई तनावपूर्ण संबंध नहीं है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का केंद्र है, ऐसे में ट्रंप के इस कड़े रुख और सैन्य हस्तक्षेप से दुनिया भर में ऊर्जा संकट और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंकाएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है।

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