जेएनयू के पूर्व छात्र को तारिक रहमान ने बनाया बांग्लादेश का नया विदेश मंत्री

Bangladesh New FM (Foreign Minister)  ढाका :  बांग्लादेश में हत्याओं और कानूनी अव्यस्थाओं के एक लंबे दौर के बाद अब नई सरकार बन चुकी है. तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है और कैबिनेट भी सीट पर बैठ चुकी है. उनकी कैबिनेट में एक से बढ़कर दिग्गज शामिल हैं. इसके अलावा तारिक की कैबिनेट में एक ऐसा शख्स भी है, जो जेएनयू का पूर्व छात्र रह चुका है. पीएम रहमान ने इस शख्स को विदेश मंत्रालय का काम दिया है. यानी भारत से जुड़े सारे मुद्दों को यही मंत्री डील करेगा.

Bangladesh New FM का भारत के साथ गहरा संबंध

दरअसल, ये शख्स बांग्लादेश की नई रहमान सरकार में विदेश मंत्री का पद संभालने वाले डॉ खलीलुर रहमान हैं. जिनका व्यक्तित्व बेहद गहरा और कूटनीतिक रूप से सुलझे हुए नेता के तौर पर देखा जाता है. वहां एक इस तरह के अनुभवी राजनयिक हैं, जिनके भारत के साथ पुराने संबंध हैं. तारिक रहमान की कैबिनेट में खलीलुर भारत-बांग्लादेश के बीच महत्वपूर्ण ब्रिज की भूमिका निभा सकते हैं.

डॉ खलीलुर रहमान यूुनूस सरकार में रह चुके हैं प्रतिनिधि 

शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद बनी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में उन्हें रोहिंग्या संकट और अन्य मुद्दों पर मुख्य सलाहकार का उच्च प्रतिनिधि बनाया गया था. वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के रूप में भी सक्रिय रहे. इस दौरान उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष यानी एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात कर सुरक्षा और इंटेलिजेंस के मोर्चे पर सहयोग की बात की थी.

डॉ खलीलुर रहमान ने जेएनयू से की है पीएचडी 

बता दें कि रहमान के भारत के साथ संबंधों की जड़ें उनके छात्र जीवन से जुड़ी हैं. उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से ‘पब्लिक हेल्थ’ में पीएचडी की डिग्री हासिल की है. जेएनयू से पढ़ा होना उन्हें भारतीय प्रशासनिक और बौद्धिक व्यवस्था की गहरी समझ देता है.

जब निज्जर केस को लेकर भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक विवाद बढ़ा था, तब कनाडा में बांग्लादेश के उच्चायुक्त के रूप में डॉ खलीलुर रहमान ने कनाडा पुलिस की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि कनाडा अपराधियों और भगौड़ों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है, जो भारत के रुख का समर्थन था.

उन्हें बांग्लादेशी कूटनीति में भारत के प्रति बैलेंस और सकारात्मक नजरिया रखने वाला चेहरा माना जाता है. वे करियर डिप्लोमैट रहे हैं और भारत में बांग्लादेश उच्चायोग में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

खलीलुर रहमान बंग्लादेश में  1985 बैच के विदेश सेवा अधिकारी हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (यूएन), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और कनाडा में उच्चायुक्त के रूप में काम किया है. एक मेडिकल डॉक्टर (एमबीबीएस) होने के साथ-साथ उनके पास अर्थशास्त्र और कूटनीति की डिग्री भी है.

बांग्लादेश के नए पीएम रहमान ने उन्हें विदेश मंत्री बनाकर यह संकेत दिया है कि बीएनपी सरकार भारत के साथ टकराव के बजाय संवाद और सहयोग चाहती है. खलीलुर रहमान की रणनीति और पुरानी जान-पहचान भारत के साथ तीस्ता जल समझौता और सीमा सुरक्षा जैसे पेंडिंग मुद्दों को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है.

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