US Iran Conflict वाशिंगटन : अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने सीनेट में देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर अमेरिकी नागरिकों को लगातार गुमराह करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीनेटर का कहना है कि प्रशासन द्वारा संघर्ष समाप्त होने के झूठे दावे किए जाते रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य वित्तीय बाजारों को प्रभावित करना और चुनिंदा लोगों को इसका अनुचित लाभ पहुँचाना था।
US Iran Conflict : बाजार को प्रभावित करने और गुमराह करने का आरोप
सीनेटर मर्फी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों में एक स्पष्ट पैटर्न देखा जा सकता है, जिसके तहत अक्सर बाजार खुलने से ठीक पहले युद्धविराम या संघर्ष के अंत की घोषणाएं की जाती हैं। उनके अनुसार, इन बयानों का उपयोग करके निवेशकों और आम जनता को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है।
नीतिगत फैसलों और सब्सक्रिप्शन मॉडल पर सवाल
अपने संबोधन के दौरान मर्फी ने हाल ही में सामने आए एक महंगे सब्सक्रिप्शन प्रस्ताव का भी हवाला दिया, जिसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष और पूर्व सूचनाएं दिए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने इसे वित्तीय बाजार नियमों के विरुद्ध और अनैतिक करार देते हुए कहा कि व्हाइट हाउस को इस तरह के मामलों में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए और इस संघर्ष को बिना किसी देरी के वास्तविक रूप से समाप्त करना चाहिए।

