Imran khan -Bushra Biwi Jail : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. शनिवार को एक जवाबदेही अदालत ने बहुचर्चित तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई. यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब इमरान खान पहले से ही जेल में बंद हैं .
Imran khan -Bushra Biwi Jail- पूर्व पीएम को 17 साल की जेल
इस हाई-प्रोफाइल मामले का फैसला रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल में सुनाया गया. विशेष अदालत के जज शाहरुख अर्जुमंद ने जेल परिसर में ही दोनों को दोषी करार दिया. सुरक्षा कारणों से कोर्ट की कार्यवाही जेल के अंदर कराई गई .
🚨 Imran Khan was very worried about Bushra Bibi and his strict isolation. He wanted to meet me. He met me today in a very difficult situation. Imran Khan’s morale was high.
Barrister Salman Safdar https://t.co/ioHkgH2rfR pic.twitter.com/y7Xlsb6y3i
— Istala Vista (@Istala_Vista) December 20, 2025
क्या है अदालत का पूरा फैसला ?
विशेष केंद्रीय जज शाहरुख अर्जुमंद ने रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल में यह फैसला सुनाया. अदालत ने इमरान खान और बुशरा बीबी को पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 409 के तहत भी दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की अतिरिक्त सज़ा सुनाई. इसके साथ ही दोनों पर कुल एक करोड़ रुपये (10-10 मिलियन रुपये) का जुर्माना भी लगाया गया है. अदियाला जेल अधिकारियों के मुताबिक, फैसला सुनाए जाने के वक्त इमरान खान और बुशरा बीबी कोर्टरूम में मौजूद थे. वहीं, फैसले से पहले इमरान खान के वकील सलमान सफदर को नोटिस भी जारी किया गया था .
क्या है तोशाखाना-2 मामला
यह मामला साल 2021 में सऊदी अरब सरकार से मिले सरकारी उपहारों से जुड़ा है. आरोप है कि इमरान खान और बुशरा बीबी ने इन महंगे तोहफों को नियमों के खिलाफ अपने पास रखा और बाद में कथित तौर पर धोखाधड़ी की. अदालत ने इसे राज्य के साथ विश्वासघात मानते हुए सख्त सज़ा सुनाई |
जांच से सजा तक का सफर
तोशाखाना-2 मामले की शुरुआती जांच राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने की थी. बाद में NAB संशोधनों के तहत केस को FIA को सौंप दिया गया. सितंबर 2024 में FIA ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया. इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को इमरान ख़ान और बुशरा बीबी पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए. गौरतलब है कि अदालत पहले तोशाखाना-1 मामले में इमरान ख़ान और बुशरा बीबी को बरी कर चुकी है. हालांकि, दूसरे मामले में आई सज़ा ने उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं |
नई सजा और बढ़ता विवाद
ताजा सजा ऐसे समय में आई है, जब इमरान खान को जेल में कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है. उनके समर्थकों और पार्टी पीटीआई ने आरोप लगाया है कि खान को लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा गया. इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवाज़ उठी है. संयुक्त राष्ट्र ने भी इमरान खान को एकांस कारावास से बाहर निकालने की अपील की है और इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया था |

