ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, बच्चों के अस्पताल पर हमले के बाद तेहरान का पलटवार

तेहरान/वाशिंगटन। खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष अब बेहद खतरनाक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। बुधवार रात को ईरान के अहवाज शहर में बच्चों के एक विशेष कैंसर अस्पताल के समीप हुई अमेरिकी बमबारी और उसके बाद कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस पर ईरान की जवाबी कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच युद्ध की विभीषिका को चरम पर पहुंचा दिया है।

कैंसर अस्पताल के समीप भीषण धमाके, बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

ईरानी रक्षा विभाग और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के तटीय और सैन्य ठिकानों पर रात भर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इस भारी गोलाबारी के दौरान कई मिसाइलें अहवाज प्रांत में स्थित कैंसर व रक्त रोग के विशेष केंद्र 'शाहिद बकाई अस्पताल' के बिल्कुल नजदीक आकर गिरीं। इन धमाकों के तेज झटकों से अस्पताल की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उस समय अस्पताल में कीमोथेरेपी करवा रहे 211 मासूम बच्चों को डॉक्टरों और परिजनों ने आनन-फानन में भारी दहशत के बीच बाहर निकाला। इन सभी बाल मरीजों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत आपातकालीन एम्बुलेंसों के जरिए अन्य नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित किया गया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस क्रूर हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे बच्चों के खिलाफ सीधा 'युद्ध अपराध' करार दिया है।

बंदरगाहों की नाकाबंदी और 'होर्मुज जलमार्ग' पर संकट

अमेरिकी नौसेना ने हवाई हमलों के साथ-साथ ईरान के कई प्रमुख बंदरगाहों को चारों तरफ से घेरकर उनकी नाकाबंदी शुरू कर दी है। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए दोटूक चेतावनी जारी की है कि जब तक अमेरिका अपने इन हमलों को पूरी तरह से बंद नहीं करता, तब तक दुनिया के सबसे प्रमुख तेल व्यापार मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। ईरान ने कसम खाई है कि इस दौरान इस मार्ग से तेल या गैस की एक भी बूंद बाहर नहीं जाने दी जाएगी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी बड़ा संकट मंडराने लगा है।

ईरान का भीषण पलटवार, कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर हमला

अमेरिकी हमलों का बदला लेने के लिए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने तत्काल जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने 'अली अल-सलेम एयर बेस' को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार कर दी। IRGC का दावा है कि इस बड़े हमले में अमेरिकी बेस पर तैनात महत्वपूर्ण C-RAM अर्ली वार्निंग राडार प्रणाली को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा, ईरान ने आसमान में गश्त लगा रहे अमेरिका के दो अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोनों को भी मार गिराने का दावा किया है। इस टकराव के दौरान ईरान के बंदर अब्बास, चाबहार, केश्म द्वीप, कोनारक, सीरिक, रास्क और पश्चिमी शहर खुर्रमआबाद सहित कई इलाकों में देर रात तक भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच यह टकराव अब पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो चुका है।

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