न्यूयॉर्क। साइबर सुरक्षा की दुनिया में एक नए और बेहद खतरनाक ‘जीरो-क्लिक’ साइबर हमले ने हड़कंप मचा दिया है। यह हमला इतना उन्नत है कि उपयोगकर्ता द्वारा बिना किसी लिंक पर क्लिक किए या कोई फाइल डाउनलोड किए ही उसका फोन या लैपटॉप हैक हो जाता है। केवल स्क्रीन पर एक विज्ञापन दिखने मात्र से डिवाइस में स्पाइवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिसने दुनिया भर के कई सरकारी दफ्तरों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और पत्रकारों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
इजराइली स्पाइवेयर कंपनी 'कैंडिरू' का नाम आया सामने
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस चौंकाने वाले हमले के पीछे इजराइली स्पाइवेयर कंपनी कैंडिरू का हाथ है। कनाडा की रिसर्च यूनिट 'सिटिजन लैब' की जांच में खुलासा हुआ कि जून 2025 में एक प्रमुख न्यूज चैनल के 45 कर्मचारियों के डिवाइस इसी तकनीक से हैक किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, डिस्कवर-टेक नामक एक इजराइली एड-एजेंसी के जरिए फर्जी विज्ञापन खरीदे गए। जैसे ही ये विज्ञापन लक्षित डिवाइस की स्क्रीन पर आए, बिना किसी यूजर इंटरैक्शन के कैंडिरू का स्पाइवेयर बैकग्राउंड में अपने आप इंस्टॉल हो गया।
वैश्विक संगठनों और सरकारी नेटवर्क पर मंडराया खतरा
हैक होने के बाद यह स्पाइवेयर यूजर की निजी फाइलें, पासवर्ड, ब्राउजर डेटा, स्क्रीनशॉट, माइक्रोफोन-कैमरा रिकॉर्डिंग और मैसेजिंग ऐप्स की जानकारियां चुपके से चुरा लेता है। जांच में सामने आया है कि ये घातक विज्ञापन अमेरिका, इटली, डेनमार्क, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया और मेक्सिको के सरकारी नेटवर्क के अलावा संयुक्त राष्ट्र (UN), नाटो (NATO), यूरोपीय संसद, पेंटागन और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) जैसी संस्थाओं के नेटवर्क पर भी देखे गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऑनलाइन विज्ञापन प्रणाली की एक बड़ी खामी है, जो बिना फोन नंबर या ईमेल के भी लोगों को निशाना बना रही है।

