काठमांडू। नेपाल में चुनावो में आरएसपी के बालेंद्र शाह ने पीएम के पी ओली को भारी मतों से हराकर सरकार बनाने की राह पर कदम रखा है। पिछले साल पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग को लेकर हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनाव में उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को करारा झटका दिया। रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेंद्र शाह ‘बालेन’, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के पीएम पद के उम्मीदवार हैं, उन्होंने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी– सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को करीब 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल चुनाव आयोग ने बताया कि 35 साल के बालेन ने 74 साल के ओली को 18,734 वोट के मुकाबले 68,348 वोट हासिल किए। रात घोषित परिणामों के मुताबिक रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित आरएसपी ने अब तक घोषित 87 सीटों के परिणाम में 70 सीट पर जीत दर्ज की है। चुनाव निकाय के आंकड़ों में कहा गया कि आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीट जीतकर सूपड़ा-साफ कर दिया और देश भर में 52 सीट पर आगे थे।
नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ था। मतों की गिनती गुरुवार देर रात शुरू हुई और शनिवार शाम 5 बजे तक 162 निर्वाचन क्षेत्रों में गिनती जारी थी। भारत इस चुनाव पर बारीकी से नजर रख रहा था, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।
इस बीच ओली ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बालेन बाबू, जीत के लिए बधाई। नेपाल में पिछले 18 साल में 14 सरकार बन चुकी है। ओली ने बालेन को बधाई देते हुए कहा कि मैं कामना करता हूं कि आपका पांच साल का कार्यकाल निर्बाध, सफल हो और हार्दिक बधाई हो। ओली ने 2022 की एक तस्वीर संलग्न की जिसमें वह रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेन को तबला भेंट करते हुए दिख रहे हैं, जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था। आरएसपी ने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को पीएम पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया था और मधेस के जनकपुर से अपने पहले चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। पार्टी इस प्रांत में दूसरे दलों का सूपड़ा साफ करती दिख रही है।

