गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी Rahul Gandhi ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार की विदेश नीति पर हमला करते हुए चेतावनी दी कि संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत के खिलाफ 26% पारस्परिक टैरिफ दर की घोषणा भारतीय कृषि, ऑटो और दवा उद्योगों के लिए जोखिम पैदा करती है.
चीन ने भारतीय क्षेत्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर लिया है
लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि टैरिफ से अर्थव्यवस्था “तबाही” की ओर बढ़ेगी. उन्होंने भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का जिक्र किया और कहा कि वह भारतीय विदेश सचिव को चीनी राजदूत के साथ केक काटते देखकर हैरान रह गए. राहुल गांधी ने कहा, “सवाल यह है कि [चीनी कब्जे वाले] क्षेत्र में वास्तव में क्या हो रहा है?”
उन्होंने जून 2020 में चीनी सैनिकों के साथ गलवान में हुई झड़प का जिक्र करते हुए कहा कि क्या हमारे विदेश सचिव 20 सैन्यकर्मियों की शहादत का जश्न मना रहे हैं? उन्होंने दावा किया कि चीन ने भारतीय क्षेत्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर लिया है.
Cutting cakes with Chinese diplomats while they occupy our land amounts to nothing short of celebrating the sacrifice of our brave martyrs!
Prime Minister Modi and the BJP’s “foreign policy” continues its spineless tradition – bowing before every foreigner, when we should be… pic.twitter.com/YYtHQUpnmL
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 3, 2025
राहुल गांधी ने आरएसएस पर भी साधा निशाना
गांधी ने कहा कि विदेश नीति का मतलब “बाहरी संबंधों को संभालना” है. उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके वैचारिक स्रोत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विदेश नीति पर एक खास विचारधारा है. गांधी ने कहा कि वे विदेशी ताकतों के सामने सिर झुकाते हैं. “यह उनकी [भाजपा/आरएसएस] संस्कृति और इतिहास में है, हम यह जानते हैं.” गांधी ने अपनी दिवंगत दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विदेश नीति पर रुख को याद किया. “किसी ने एक बार उनसे पूछा, ‘विदेश नीति के मामले में, क्या आप बाएं या दाएं झुकती हैं?’ और इंदिरा गांधी जी ने जवाब दिया, ‘मैं बाएं या दाएं नहीं झुकती; मैं सीधे खड़ी हूं. मैं भारतीय हूं, और मैं सीधे खड़ी हूं.”
चीन के साथ भारत की स्थिति सामान्य नहीं है- Rahul Gandhi
गांधी ने कहा कि वे सामान्य स्थिति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यथास्थिति बहाल नहीं हुई है और भारत को अभी भी अपनी जमीन वापस लेनी है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के चीन के साथ संवाद के बारे में जानकारी छिपाई गई है. गांधी ने कहा, “हम अपनी सरकार से इस बारे में पता नहीं लगा रहे हैं. यह चीनी राजदूत ही हैं जो भारत के लोगों को बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री और भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें पत्र लिखा है.”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री कब जवाब देंगे कि सरकार चीन द्वारा अतिक्रमण किए गए 4,000 वर्ग किलोमीटर को कैसे वापस लेगी या संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक रूप से विनाशकारी 26% टैरिफ का जवाब कैसे देगी?
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