देहरादून में सेब महोत्सव 3.0 का शुभारम्भ, एफपीओ को सस्टेनेबल बनाने और कोल्ड स्टोरेज बढ़ाने पर दिया जोर

Apple Festival 3.0 Uttarakhand देहरादून : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को नाबार्ड (NABARD) के शाखा कार्यालय, देहरादून में नाबार्ड से वित्तपोषित किसान उत्पादक संगठनों (FPO) द्वारा आयोजित ‘सेब महोत्सव 3.0’ का विधिवत शुभारम्भ किया.

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने विभिन्न एफपीओ द्वारा प्रदर्शित सेब की विभिन्न प्रजातियों, कीवी, ताजी सब्जियों और अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का गहनता से अवलोकन किया. उन्होंने स्टॉलों पर मौजूद किसानों और FPO प्रतिनिधियों से उनके उत्पादों, विपणन की स्थितियों और खेती-किसानी में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर सीधी चर्चा की.

Apple Festival Uttarakhand
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सेव उत्पादकों से बात करते हुए

FPO केवल जोड़ने तक सीमित न रहें, सस्टेनेबल इकोसिस्टम बने

महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को केवल किसानों को एक समूह में जोड़ने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. उन्हें मजबूत, आत्मनिर्भर और सस्टेनेबल (टिकाऊ) संस्थाओं के रूप में विकसित करना समय की मांग है.

उन्होंने इसके लिए किसानों को निरन्तर मार्गदर्शन, आधुनिक प्रशिक्षण, क्षमता विकास और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

शीत भंडारण (Cold Storage) और जैविक प्रमाणन पर विशेष ध्यान

कृषि व बागवानी उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए मुख्य सचिव ने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर बल दिया:

  • शीत भंडारण (Cold Storage): किसानों के उत्पादों को खराब होने से बचाने और बाजार में उचित मूल्य दिलाने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जाए.

  • जैविक प्रमाणन (Organic Certification): प्रदेश के जैविक उत्पादों की साख बढ़ाने के लिए सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को आसान और तीव्र बनाया जाए.

  • ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था: उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी उत्पत्ति की पारदर्शी जानकारी ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए ट्रेसेबिलिटी सिस्टम विकसित हो.

  • ब्रांडिंग और मार्केटिंग: स्थानीय उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और उचित बाजार से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.

नाबार्ड और राज्य सरकार में बेहतर समन्वय की जरूरत

मुख्य सचिव ने कहा कि एफपीओ को सशक्त बनाने के लिए नाबार्ड और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल होना आवश्यक है. संसाधनों और योजनाओं को आपस में जोड़कर ही किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सकता है. इसके लिए सरकार, नाबार्ड, संबंधित विभागों, एफपीओ और किसानों को मिलकर एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके.

इस कार्यक्रम के दौरान सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, महाप्रबंधक शशि कुमार सहित नाबार्ड और कृषि-बागवानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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