कांग्रेस नेता Rajeev Maharshi का बयान, ध्वस्तीकरण से पूर्व मानवीय पहलू पर ध्यान दे राज्य सरकार

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव महर्षि Rajeev Maharshi ने देहरादून में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर की नदी किनारे की बस्तियों में जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से भीषण गर्मी में बेघर किए जा रहे लोगों के पुनर्वास का तत्काल प्रबंध किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई ऐसे समय पर की जा रही है जब आसमान से आग बरस रही है, लोग तड़प रहे हैं, ऐसे में नदी किनारे बसे लोगों को बेघर किया जाना न सिर्फ अमानवीय है बल्कि राज्य सरकार की नाकामी भी है।

Rajeev Maharshi – इतनी गर्मी में कहां जाएंगे उजाड़े गए लोग

महर्षि ने कहा कि नदी किनारे मलिन बस्तियों को खाली करने पर वहां रह रहे लोगों के लिए पुनर्वास का प्रावधान जेएनयूआरएम योजना में था लेकिन सरकार के रवैए से लगता है इस प्रावधान को ताक पर रख दिया गया है। महर्षि ने इस बात पर चिंता जताई कि नदी किनारे पट्टे की जमीन बेचने वाले लोगों पर कोई अंकुश नहीं लगाया गया, इस कारण स्थिति बिगड़ी है और भीषण गर्मी में लोगों को बेघर होना पड़ रहा है। सिस्टम अगर इस बात पर नजर रखता कि पट्टे की जमीन की खरीद फरोख्त न होने पाए तो आज यह स्थिति उत्पन्न न होती।

सिस्टम दोषी है लोग नहीं

कांग्रेस नेता ने कहा कि नदी किनारे पट्टे की जमीन पर अपना घरौंदा बनाने वाले लोगों ने अपना सब कुछ बेच कर किसी तरह अपने सिर पर एक अदद छत का इंतजाम किया था, किंतु आज जानलेवा गर्मी के मौसम में उन्हें खुले आसमान के नीचे सड़क पर ला दिया गया है, यह मानवीय दृष्टि से बेहद दुखद घटनाक्रम है।

महर्षि ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अतिक्रमण का किसी भी स्तर पर समर्थन नहीं करती है किंतु जो लोग ठगे गए हैं, उन पीड़ितों के साथ सहानुभूति मानवता के नाते है। उन्होंने सवाल किया कि जब ये मलिन बस्तियां आकार ले रही थी, तब सरकारी तंत्र सो क्यों रहा था? क्यों सरकारी योजनाओं से उन इलाकों को आच्छादित किया जा रहा था? इस दृष्टि से पूरी तरह से सिस्टम दोषी है और साथ में वे लोग भी जिन्होंने उन्हें अपने घर का सपना दिखा कर स्टाम्प पेपर पर पट्टे की जमीन बेच दी।

बेघर करने से पहले मानवीय पहलू पर हो विचार – Rajeev Maharshi

राजीव महर्षि ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि नदी किनारे की जमीन सौ रुपए के स्टाम्प पेपर पर बेचने वाले लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने लाचार गरीबों को धोखे में रख कर उन्हें आज सड़क पर लाने का पाप किया है। महर्षि ने कहा कि मानवीय पहलू यह है कि बेघर किए गए लोगों का तत्काल पुनर्वास किया जाए और उन्हें आसान किस्तों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि उनके बच्चों, बूढ़ों और बीमार लोगों और नर – नारियों को राहत मिल सके। कल्याणकारी राज्य का यही कर्तव्य भी होता है। खासकर रामराज्य की अवधारणा देने वालों से यह अपेक्षा स्वाभाविक भी है।

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