Kailash Mansarovar Yatra 2026 : 30 जून से शुरू होने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. यात्रियों के भोजन, आवास और परिवहन की व्यवस्था के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस बीच विदेश मंत्रालय ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं.
Kailash Mansarovar Yatra 2026 : यात्रियों को केवल 20 किलो सामान ले जाने की अनुमति
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रत्येक यात्री को अधिकतम 20 किलोग्राम व्यक्तिगत सामान ले जाने की अनुमति होगी. इसके अलावा हर बैच को प्रति यात्री 5 किलोग्राम के हिसाब से सामूहिक सामान ले जाने की मंजूरी दी गई है, जिसका उपयोग चीन क्षेत्र में भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए किया जाएगा.
यदि किसी यात्री का कुल सामान 25 किलोग्राम की निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क देना होगा.
हर बैच के साथ होगी मेडिकल और किचन टीम
यात्रा के दौरान प्रत्येक बैच के साथ पांच सदस्यीय सर्विस टीम तैनात रहेगी. इसमें एक डॉक्टर और चार रसोइए शामिल होंगे. मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी नियमित और आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में साथ रखें.
यात्रा के दौरान यदि डॉक्टर और संपर्क अधिकारी किसी यात्री को स्वास्थ्य कारणों से आगे बढ़ने के लिए अयोग्य मानते हैं तो उनका निर्णय अंतिम होगा. ऐसे मामलों में यात्रा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा.
19 प्रकार की दवाएं साथ ले जाने की अनुमति
विदेश मंत्रालय ने यात्रियों को 19 प्रकार की आवश्यक दवाएं साथ रखने की अनुमति दी है. इनमें क्रोसिन, पैंटोप्राजोल, डाइजीन, विटामिन-सी 500 एमजी, इलेक्ट्रॉल, डायमॉक्स, एंटीबायोटिक, कफ सिरप, लिपसोल, बैंडेज क्लॉथ, कॉटन, टिंचर बेंजोइन, एडेसिव प्लास्टर, बैंड-एड, बीटाडिन लोशन और बोरिक पाउडर जैसी दवाएं शामिल हैं.
होम्योपैथी का उपयोग करने वाले यात्री अपनी जरूरत की दवाएं भी साथ रख सकते हैं.
लिपुलेख रूट पर हल्का सामान ले जाने की सलाह
मंत्रालय ने विशेष रूप से लिपुलेख मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को हल्का सामान लेकर चलने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कठिन ट्रैकिंग और मौसम की चुनौतियों को देखते हुए यह सलाह दी गई है।
4 जुलाई को टनकपुर पहुंचेगा पहला जत्था
कैलास मानसरोवर यात्रा 30 जून से शुरू होकर 26 अगस्त तक चलेगी। पहला दल 30 जून से 3 जुलाई तक दिल्ली में पासपोर्ट, वीजा और मेडिकल जांच सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करेगा। इसके बाद 4 जुलाई को पहला जत्था टनकपुर पहुंचेगा।
यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम
केएमवीएन के महाप्रबंधक मनीष कुमार सिंह के अनुसार विदेश मंत्रालय ने यात्रा का पूरा कार्यक्रम और दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. यात्रा साझेदार संस्था के रूप में केएमवीएन यात्रियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की व्यवस्था संभालेगा.
उन्होंने बताया कि 30 जून से शुरू होने वाली इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

