Noida twin tower: भ्रष्टाचार मामले में 14 अफसरों पर विजिलेंस की कार्रवाई, दो दिन नोएडा प्राधिकरण में थी विजिलेंस की टीम

पिछले साल ध्वस्त किए गए नोएडा के सेक्टर-93 ए में ट्विन टावर (Noida twin tower) मामले में विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है. यूपी सरकार के निर्देश पर इस मामले में विजिलेंस जांच की जा रही है.
इसी सिलसिले में लखनऊ विजिलेंस की टीम दो दिनों में नोएडा प्राधिकरण पहुंची. विजिलेंस अधिकारियों ने यहां फाइलें खंगालने के साथ ही भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की. पूछताछ उन अधिकारियों से की जा रही है जिनकी जिम्मेदारी ट्विन टावर (Noida twin tower) के निर्माण को रोकने की थी. आपको बता दें कोर्ट के आदेश के बाद 28 अगस्त 2022 को सेक्टर-93 ए में बने ट्विन टावर (Noida twin tower) को ध्वस्त कर दिया गया था.

14 लोगों की लिस्ट जारी

अब इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया तेज की गई है. विजिलेंस ने अब नोएडा प्राधिकरण में नियुक्त रहे 14 अधिकारियों की एक लिस्ट तैयार की है. इस लिस्ट में ओएसडी, सर्किल अधिकारी, ड्राफ्ट मैन समेत वास्तुविद तक के नाम शामिल है. विजिलेंस इन सभी से पूछताछ करेगी और इन्हें अपने बयान दर्ज कराने बुलाया भी गया है.

रिटायर्ड अधिकारियों की जानकारी भी मांगी गई

इसके साथ ही कार्रवाई उन अधिकारियों पर भी होगी जिनका नोएडा प्राधिकरण से ट्रांसफर हो गया है या जो रिटायर्ड हो गए है. विजिलेंस ने इन सभी अधिकारियों का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर, वर्तमान निवास और कार्यालय का पता लखनऊ विजिलेंस भेजने को कहा है.

आपको बता दें अगस्त 2022 में ट्विन टावर (Noida twin tower) गिराए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में भ्रष्टाचार की जांच कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे. सुपरटेक ट्विन टावर मामले में एसआईटी ने जांच भी कि लेकिन ये जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई. इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से विजिलेंस विभाग नाराज़ है. कहा जा रहा है कि प्राधिकरण के लोगों ने ही ये जांच रिपोर्ट नोएडा सार्वजनिक की थी.

विजिलेंस की नाराज़गी की वजह ये है कि उसने एसआईटी की रिपोर्ट को आधार बनाकर प्राधिकरण के 26 अधिकारियों जिनमें दो आर्किटेक्ट कंपनी और चार सुपरटेक के निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर के बाद विजिलेंस रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद प्राधिकरण से मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. विजिलेंस को दस्तावेज तो उपलब्ध कराए गए लेकिन आरोपियों ने अभी कर कोई जवाब नहीं दिया है. असल में विजिलेंस को एसआईटी जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों से पूछताछ करनी थी. इस सिलसिले में पिछले दो दिनों तक विजिलेंस की टीम नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय में रही.

ये हैं वो 14 अफसर जिनके नाम विजिलेंस की लिस्ट में हैं

विजिलेंस की लिस्ट में जिन अधिकारियों के नाम है वो हैं, मनोज राय ओएसडी, एससी गौड़ मुख्य वास्तुविद नियोजक, सुधीर कुमार सहयुक्त वास्तुविद, मीनाक्षी जेएस राणा यहयुक्त नगर नियोजक, सहयुक्त नगर नियोजक, रेनू अग्रवाल प्लानिंग अस्सिटेंट, सौदान सिंह नियोजन सहायक, राम प्रकाश परियोजना अभियंता, रोहित सिंह प्रबंधक वर्क सर्किल-8, विक्रम सिंह ड्राफ्टमैन, भारत भूषण मुख्य वास्तुविद नियोजक, प्रेम कुमार, अवर अभियंता वर्क सर्किल-8, राहुल शर्मा सीनियर मैनेजर वर्क सर्किल-8, पीके कौशिक महाप्रबंधक वर्क सर्किल.

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