Sunday, March 1, 2026

Siddique Kappan: केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन 850 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुए

गुरुवार को केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन (Siddique Kappan) को लखनऊ जिला जेल से रिहाई मिल गई. सिद्दीकी कप्पन को हाथरस कांड की रिपोर्टिंग करने जाते समय उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था. सिद्दीकी कप्पन (Siddique Kappan) पर हिंसा फैलाने के लिए हाथरस जाने का आरोप था. कप्पन को 850 दिन जेल में गुजारने के बाद रिहा किया गया है.

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सिद्दीकी कप्पन को 2020 में गिरफ्तार किया गया

पत्रकार सिद्दीकी कप्पन (Siddique Kappan) को 5 अक्टूबर, 2020 को तीन अन्य लोगों के साथ उत्तर प्रदेश के हाथरस के रास्ते से मथुरा टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया था. कप्पन हाथरस रिपोर्टिंग के लिए जा रहे थे, जहां 14 सितंबर, 2020 को चार ऊंची जाति के पुरुषों ने एक दलित महिला के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी. यूपी पुलिस ने केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन (Siddique Kappan) को पीएफआई से कनेक्शन होने और साथियों के साथ हिंसा फैलाने की प्लानिंग के तहत हाथरस जाने के आरोप में UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनपर एक मनी लांड्रिंग का केस भी लगाया गया था.

दोनों मामले में जमानत मिलने के बाद रिहा हुए कप्पन

कप्पन को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की सिंगल बेंच ने बीते 23 दिसंबर को ed के मनी लांड्रिंग केस में बेल दी थी. इससे पहले हाथरस में हिंसा फैलाने की कोशिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट से सिद्धिक कप्पन (Siddique Kappan) को सितंबर 2022 में जमानत मिल चुकी थी. सिद्धिक कप्पन पर दर्ज दोनों मामलों में जमानत मिलने के बाद उन्हें गुरुवार (2 फरवरी) को 2 साल 3 महीना 26 दिन बाद लखनऊ जेल से रिहा कर दिया गया.

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