कानपुर : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज अपने पूरे लाव लश्कर के साथ और अमेठी में सारस को बचाने वाले आरिफ को लेकर कानपुर प्राणी उद्यान पहुंचे.कानपुर जू में जाकर सीसीटीवी के जरिये सारस को देखा और तसल्ली जताया.
अच्छा नहीं है परिंदों का पत्थर हो जाना!
कुछ लोग भी न जाने कैसे-कैसे झूठ को सच बनाते हैं
असली सारस चिड़ियाघर में, नक़ली पार्क में लगाते हैं pic.twitter.com/KomSlFneaB— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 27, 2023
इस मौके पर सपा अध्यक्ष ने सीएम योगी पर तंज करते हुए कहा कि अब तो बाबा जी को आरिफ के ऊपर लगे मुकदमों को वापस ले लेना चाहिए क्योंकि अब तो सारस उनके कब्जे में है .वही सारस को देखने पहुंचे आरिफ ने भी लाइव सीसीटीवी फुटेज देखकर संतोष जताते हुए कहा कि वह बेहतर है

आपको बता दें कि पिछले कुछ सप्ताह से अमेठी के सारस की कहानी राजनीतिक गलियारों की खबर बनी हुई है. जिस सारस पक्षी को आरिफ नाम के व्यक्ति ने इलाज कर बचाया उसी के नाम पर प्रशासन ने आरिफ पर केस कर दिया .

आरिफ – सारस की कहानी
दरअसल अमेठी के एक गांव में रहने वाले आरिफ को एक सारस पक्षी घायल अवस्था में मिला था . ग्रामीण आरिफ ने पक्षी का इलाज किया और सोचा कि जब पक्षी ठीक हो जायेगा तो खुद उडकर चला जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं. सारस ठीक होने के बाद भी आरिफ के पास ही घरेलू पक्षी बन कर रहने लगा. वो घर आंगन में घूमता, घर के लोगों के साथ उनकी थाली मे खाना खाता था. धीरे धीरे आरिफ और सारस के दोस्ती की कहानी फैलने लगी. ये कहानी लखनऊ तक पहुंची.

लखनऊ से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आरिफ की कहानी सुनकर उससे मिलने अमेठी आ गये. फिर क्या था, मुलाकात चर्चा बन गई. थोडे ही दिन के बाद खबर आई कि प्रशासन ने आरिफ से उसके पक्षी दोस्त सारस को छीन लिया और उसे जबर्दस्ती जंगल में छोड़ आये.
एकदम इमोशनल दृश्य था. जब सारस को वन विभाग की टीम लेकर जा रही थी तो आरिफ फूट फूट कर रोता रहा.रोते रोते सारस को विदा किया. लेकिन सारस का जंगल में मन नहीं लगा, वो वहां से उडकर एक गांव में आ गया. लोगों के बीच पहुंच गया और उनके साथ खाने पीने लगा, यहां से वन विभाग की टीम उसे पकड़कर कानपुर के चिडिया घर ले गई.

घर में सारस पक्षी को रखने के मामले में आरिफ पर प्रशासन ने मुकदमा कर दिया है. इसी मामले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज तंज करते हुए कहा कि अब जब सारस कानपुर के चिडियाघर में हैं, और ठीक हो तो अब सरकार को आरिफ के उपर से केस हटा लेना चाहिये… अब देखना होगा कि योगी सरकार इस पर क्या फैसला लेती है.

