भारत के पड़ोसी मुल्क चीन से बड़ी खबर सामने आ रही है. शुक्रवार को 14वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के चल रहे सत्र में फिर एक बार सर्वसम्मति से शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति चुने गए. चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) का अध्यक्ष भी चुना गया. आपको बता दें ये लगातार तीसरी बार है जब शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति चुने गए हैं.
एकतरफा था चुनाव
हालांकि वो बात अलग है कि इस चुनाव में उनके खिलाफ कोई और उम्मीदवार था ही नहीं. जी हाँ एनपीसी के लगभग 3,000 सदस्यों ने बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में सर्वसम्मति से शी जिंग के राष्ट्रपति बनने के लिए एक ऐसे चुनाव में मतदान किया, जहां कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था. चुनाव के बाद, 69 साल के शी जिंग पिंग राष्ट्रपति ने संविधान के प्रति निष्ठा की सार्वजनिक शपथ भी ली.
शी जिंग पिंग बने चीन के सबसे शक्तिशाली शासक
आपको बता दें 2018 में संविधान में बदलाव के बाद शी जिंग पिंग का नया पांच साल का कार्यकाल संभव हुआ है . हाँ वो बात अलग है कि ये चुनाव महज़ एक औपचारिकता के अलावा कुछ नहीं था. उन्होंने पिछले अक्टूबर में एक प्रमुख पार्टी कांग्रेस में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख के रूप में एक ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल पहले ही तय कर लिया था. शी जिंगपिंग ने माओत्से तुंग के बाद चीन के सबसे शक्तिशाली शासक के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है .

