दिल्ली: कतर की एक अदालत से भारत को बड़ी सफलता मिली है. भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अफसरों ‘Ex-Navy Officers’ की फांसी की सजा पर रोक लगा दी गई है. इसे विदेश मंत्रालय और नेवी अफसरों के परिजनों की बड़ी सफलता मानी जा रही है.
कतर की अदालत ने अक्टूबर माह में इन सभी को मौत की सजा सुनाई थी. तब से ही विदेश मंत्रालय लगातार इन पूर्व अधिकारियों की मदद में जुटा हुआ था और मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही थी. अदालत ने भारतीय नौसेना कर्मियों को दी गई मौत की सजा के संबंध में भारत सरकार द्वारा दायर अपील को स्वीकार कर फांसी गर रोक लगा दी है.
Ex-Navy Officers को 2022 लिया गया था हिरासत में
दोहा स्थित दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज के सभी कर्मचारियों को अगस्त 2022 में हिरासत में लिया गया था. जिसमें केवल भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अफसरों ‘Ex-Navy Officers’ को फांसी की सजा सुनाई गई थी. यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है. कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है.
बता दें कि कतर की ओर से कभी ये स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर इन पूर्व अधिकारियों पर आरोप क्या थे. कई बार भारत की ओर से इन्हें छोड़ने की अपील की गई, लेकिन हर बार कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. 26 अक्टूबर को कोर्ट ने इन सभी को मौत की सजा सुना दी थी. इस फैसले पर खुद विदेश मंत्रालय ने हैरानी जताई थी और कतर के अधिकारियों के सामने इस मामले को उठाने का आश्वासन दिया था.

