Wednesday, January 28, 2026

सेना पर हमले का आरोप लगा क्या फंस गए है इमरान? मंत्री सनाउल्लाह ने इमरान के घायल होने पर ही उठा दिए सवाल

गुरुवार को अपने पर हुए जानलेवा हमले के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान शनिवार को मीडिया के सामने आए. इमरान ने मीडिया के सामने अपने पर हुए हमले के लिए सरकार और सेना के एक अधिकारी को दोषी ठहराया. जिसके बाद शहबाज़ शरीफ सरकार में शामिल मंत्रियों और सेना ने इमरान के आरोपों का जवाब देते हुए उन्हें “अस्वीकार्य और अनुचित” करार दिया.

सेना ने कहा इमरान खान संस्था को बदनाम कर रहे हैं.
पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ने इमरान खान के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए आरोपों की निंदा की और कहा: “पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान के संस्था और विशेष रूप से एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और गैर-जिम्मेदाराना है, इसके साथ ही सेना ने आरोपों को अस्वीकार्य और अनुचित भी करार दिया.”
सेना के मीडिया विंग ने कहा कि पाकिस्तानी सेना एक पेशेवर और अनुशासित संगठन है जिसके पास अपने सैनिकों के द्वारा किए गए किसी भी गैरकानूनी कृत्य के लिए एक मजबूत आंतरिक जवाबदेही प्रणाली है. इमरान खान के आरोपों को खेदजनक बताते हुए, आईएसपीआर ने कहा कि सेना के रैंक और फ़ाइल के सम्मान और सुरक्षा को “निहित स्वार्थों द्वारा कलंकित” किया जा रहा है. “संस्था अपने अधिकारियों और सैनिकों की रक्षा करेगी चाहे कुछ भी हो.”

सरकार ने उठाए इमरान खान के हमले में घायल होने पर सवाल
एक तरफ सेना इमरान के आरोपों को लेकर मुखर है वही अब शहबाज़ शरीफ सरकार भी अपने पर लगे आरोपों का जवाब देने मैदान में उतर गई है. शुक्रवार को सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब और गृह मंत्री राणा सनुल्लाह ने भी खान के आरोपों की आलोचना की और पूछा कि इमरान ने किसी सरकारी डॉक्टर से अपना इलाज क्यों नहीं कराया.
सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने हमले के बाद इमरान खान के लाहौर के अस्पताल में दाखिल होने पर सवाल उठाएं. उन्होंने कहा “चार गोलियां लगने के बाद वह पास के किसी अस्पताल में क्यों नहीं गए और लाहौर पहुंचने के लिए तीन कीमती घंटे क्यों बर्बाद कर दिए?” आपको बता दें इमरान खान वजीराबाद में हमला हुआ था लेकिन उन्हें वजीराबाद के किसी अस्पताल की बजाए इलाज के लिए वहां से लगभग 123 किमी दूर लाहौर ले जाया गया.
सूचना मंत्री ने ये भी पूछा कि इमरान खान ने किसी भी सरकारी डॉक्टर और पुलिस को जांच करने या उनसे मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी.
उनका कहना था कि “हम घटना की जांच के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग की पेशकश करते हैं,” ये कहते हुए उन्होंने आगे कहा कि अगर इमरान चाहे तो स्कॉटलैंड यार्ड, निजी जांचकर्ताओं या किसी को भी हमले की जांच के लिए बुला सकते हैं. “लेकिन आखिरकार आपको अदालत में पेश होना होगा ताकि सच्चाई सामने आ सके.”
सूचना मंत्री ने इमरान खान पर संस्थानों को बदनाम करने का आरोप भी लगाया. मरियम ने कहा कि इमरान खान राजनीतिक लाभ के लिए संस्थानों को बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने एक बार फिर दुहराया की इमरान खान ने सेना प्रमुख को सरकार बचाने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की थी. मरियम ने कहा “यह सब 07 मार्च के बाद शुरू हुआ, इमरान ने जनरल बाजवा को अविश्वास प्रस्ताव में उनका समर्थन करने के लिए आजीवन सेना प्रमुख बनने की पेशकश की” लेकिन सीओएएस ने इनकार किया, तो अब इमरान खान सेना के खिलाफ और शहीदों का “उपहास” करने के लिए अपमानजनक अभियान चला रहे हैं.”

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने भी इमरान खान को आदतन झूठ बोलने वाला करार दिया. उन्होने कहा कि इमरान की प्रेसवार्ता “निराधार आरोपों” से ज्यादा कुछ नहीं थी.
उन्होंने इमरान खान के पैर में 4 गोली लगने के दावे पर भी सवाल उठाए और कहा कि दावों की जांच के लिए एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड बनाया जाए. उन्होंने पीटीआई के उस दावे का भी खंडन किया जिसमें एक से ज्यादा हमलावर होने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा “हमले की मिनट-दर-मिनट फुटेज मौजूद है और उसकी जिनकी जांच की जा सकती है”. सनाउल्लाह ने दावा किया कि पीटीआई जांच को गुमराह करने के लिए “एक अज्ञात हमलावर” होने की बात कह रही है.

इमरान खान को होगा हमले का राजनीतिक फायदा-जानकार
हमले के बाद से ही जानकार ये कह रहे थे कि हमला इमरान खान को राजनीतिक रूप से भी मदद करेगा. उनका कहना था कि हमले के बाद इमरान अब जनता को ये यकीन दिलाने में ज्यादा कामयाब होंगे की वो उनके लिए जान भी दे सकते है. जानकारों का कहना है कि इस हमले का असर खासकर उन मतदाताओं पर होगा जो किसी पार्टी के समर्थक नहीं है वो अब इमरान खान की ओर आकर्षित हो सकते है.

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