Tuesday, February 17, 2026

Pakistan: पाकिस्तान में खत्म हुआ आटा, सब्सिडी पर आटा बेच रही सरकार, आटे के लिए हो रही है मारा मारी

मंगलवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर #pakistaneconomy ट्रेंड कर रहा है. पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के ट्रेंड होने की वजह है पाकिस्तान में (Pakistan) आटे का संकट. पाकिस्तान अब तक के सबसे खराब आटे के संकट का सामना कर रहा है. देश के कुछ हिस्सों में गेहूं की कमी की रिपोर्ट के साथ ही खैबर पन्हतुनख्वा, सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों के कई इलाकों में भगदड़ की भी खबर है.

ये भी पढ़ें- Bharat Jodo Yatra: यात्रा पहुंची पंजाब, राहुल गांधी ने स्वर्ण मंदिर में टेका मत्था , फतेहगढ़ साहिब भी जाएंगे राहुल

जानकारी के अनुसार रोजाना हज़ारों लोग घंटों आटे की सब्सिडी वाली थैलियों को पाने के लिए लाइनों में लगे रहते है. बाजार में आटे की आपूर्ति पहले से ही कम है. इसी बीच इंटरनेट पर कुछ चौंकाने वाले वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिखाया गया है कि कैसे लोग आटे की थैली के लिए आपस में भिड़ रहे हैं.

हालात ये है कि जिन मिनी ट्रकों से आटा बांटा जा रहा है उसकी सुरक्षा के लिए सशस्त्र गार्डों भी लगाये गए है. बावजूद इसके ट्रक के आसपास हंगामा खड़ा हो जाता है क्योंकि लोग एक-दूसरे को धक्का देने वाले वाहनों के चारों ओर इकट्ठा होते हैं इसके अलावा आटा कारोबारियों और तंदूरों मालिकों के के बीच भी कई बार झड़पें हुई हैं.

आसमान छू रही है आटे की कीमत

रिपोर्टस् के मुताबिक पाकिस्तान (Pakistan) में गेहूं संकट के लिए संघीय और पंजाब सरकारों के बीच तनाव जिम्मेदार है. जानकारी के अनुसार, पंजाब खाद्य विभाग सही ढंग से अनुमान लगाने में असमर्थ था कि कितना गेहूं आयात करने की आवश्यकता थी.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) में जारी संकट के बीच गेहूं और आटे की कीमतें आसमान छू रही हैं. खैबर पख्तूनख्वा जो अब तक के सबसे खराब आटे के संकट का सामना कर रहा है, यहां 20 किलोग्राम आटे का एक बैग 3100 रुपये में बेचा जा रहा है, इसकी वजह है कि पाकिस्तान (Pakistan) सरकार गेहूं की कीमत को नियंत्रित करने में विफल रही है.

बलूचिस्तान में गेहूं का स्टॉक खत्म

बलूचिस्तान के खाद्य मंत्री ज़मारक अचकजई ने कहा है कि प्रांत में गेहूं का स्टॉक “पूरी तरह से समाप्त” हो गया है. उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान को तुरंत 400,000 बोरी गेहूं की जरूरत है और चेतावनी दी कि अन्यथा संकट और गहरा सकता है.
हालात ये है कि खैबर पख्तूनख्वा में तंदूरों ने भी रोटी की कीमत बढ़ा दी है, लोग दामों में हुई बढ़ौत्तरी से खासे नाराज़ है. द न्यूज इंटरनेशनल ने बताया के मुताबिक ब्रेड के अलावा बेकरी का सारा सामान ऊंचे दामों पर बिक रहा है.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सभी खाद्य पदार्थों और अन्य वस्तुओं की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं और सरकारों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं.

Latest news

Related news