गुरुवार को चुनाव आयोग ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों को नोटिस भेजा है. आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77 को लागू करते हुए राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को ये नोटिस भेजा है. चुनाव आयोग ने बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को नोटिस का जवाब 29 अप्रैल सुबह 11 बजे तक देने को कहा है.
स्टार प्रचारकों की जिम्मेदारी लें राजनीतिक दल
कांग्रेस बीजेपी दोनों ने चुनाव आयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित तौर पर ‘आदर्श आचार संहिता’ (एमसीसी) के उल्लंघनों की शिकायत की थी. दोनों ने एक दूसरे के नेताओं पर धर्म, जाति, समुदाय और भाषा के आधार पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया था. इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने पार्टी अध्यक्षों को नोटिस भेजा है और उनसे अपने स्टार प्रचारकों को आचार संहिता का पालन करने को कहा है. आयोग ने पार्टियों से अपने उम्मीदवारों और खासकर अपने स्टार प्रचारकों के आचरण की जिम्मेदारी लेने को कहा है. चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में लिखा है कि उच्च पदों पर बैठे लोगों के प्रचार भाषणों के अधिक गंभीर परिणाम होते हैं. चुनाव आयोग ने चेताया की विवादित भाषणों के हर मामले में चुनाव आयोग पार्टी के प्रमुखों से ही जवाब मांगेगा.
कांग्रेस ने बांसवाड़ा में दिए PM Modi Hate Speech की थी शिकायत
रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में पीएम मोदी ने एक विवादित बयान PM Modi Hate Speech देते हुए कहा था कि, “अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हरेक की प्रॉपर्टी का सर्वे किया जाएगा. हमारी बहनों के पास सोना कितना है, इसकी जांच की जाएंगी. चांदी का हिसाब लगाया जाएगा.
मेरी माताओं-बहनों की जिंदगी में सोना सिर्फ शो करने के लिए नहीं होता है. उसके स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है. उसका मंगलसूत्र सोने की कीमत का मुद्दा नहीं है, उसके जीवन के सपनों से जुड़ा है, उसे छीनने की बात कर रहे हो अपने घोषणा-पत्र में.
पहले जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने कहा था देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे, जिनके ज्यादा बच्चे हैं, उनको बांटेंगे, घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत की कमाई का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा. आपको मंजूर है ये.”

