बीजेपी नेता का खौफनाक चेहरा आया सामने, गर्म तवे से दागती थी नौकरानी का शरीर, जुबान से साफ कराती थी पेशाब

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अक्सर हम ये सवाल करते हैं कि कई सदियों पहले धरती पर राक्षस और देवताओं का वास हुआ करता था. आज वो राक्षस गए कहाँ? तो वो कही नहीं गए, वो आज भी इंसानों के भेष में मौजूद हैं. वक्त वक्त पर सामने आते रहते हैं. कभी हत्यारों के रूप में कभी बलात्कारियों के रूप में, इस बीच एक और राक्षस प्रवर्ति की महिला BJP नेता के रूप में सामने आई है. जो अपने घर की दिव्यांग नौकरानी के साथ जानवरों से भी बदतर सलूख करती थी.
दरअसल झारखंड के एक रिटायर्ड आईएएस की पत्नी और भाजपा नेता सीमा पात्रा का घिनोना चेहरा सामना आया. वो अपनी घरेलू मेड पर बेहिसाब जुल्म ढाती थी. उनकी मेड का नाम है सुनीता. सुनीता के शरीर पर दर्जनों ऐसे जख्म है जो चीख चीख कर BJP की महिला नेता की दरिंदगी दिखाते हैं. सीमा पात्रा यहां तक कि उसे गरम तवे से जगह-जगह घाव दिया करती थी. लोहे के रॉड से उसके तीन-चार दांत तक तोड़ डाले. कमरे में बंद करके रखी गई सुनीता का खाना-पीना बंद कर दिया गया था. फिलहाल मैड सुनीता का रांची के रिम्स में इलाज चल रहा है.
सुनीता ने रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में अपने ऊपर हुए अत्याचार की दास्तां सुनाई है. सोमवार को यह वीडियो वायरल हो गया है. एक अफसर की सूचना पर रांची पुलिस ने उस मेड को भाजपा नेत्री के रांची के अशोकनगर स्थित आवास से मुक्त तो करा लिया है, लेकिन इस मामले में आरोपी महिला की अब तक गिरफ्तार नहीं हो पाई है.

जानकारी के मुताबिक, आदिवासी समुदाय से आने वाली सुनीता गुमला के एक गांव की रहने वाली है. तकरीबन दस साल पहले वह रिटायर्ड आईएएस महेश्वर पात्रा और भाजपा महिला नेता सीमा पात्रा के घर मेड के तौर पर काम करने आई थी. बाद में वह दिल्ली में रहनेवाली अफसर की बेटी वत्सला पात्रा के साथ भेज दी गई. दिल्ली से बेटी के तबादले के बाद सुनीता वापस रांची सीमा पात्रा के घर आ गई. यहां उसे हमेशा प्रताड़ित किया जाता रहा. जब उसने अपने घर गुमला जाने की इजाजत मांगी तो उसकी पिटाई कर उसे कमरे में बंद कर दिया गया.

सुनीता ने बताया कि बात-बात पर उसकी पिटाई आम हो गई थी. दर्जनों बार उसके शरीर को गरम तवे से दागा गया. जिस कमरे में सुनीता को बंद किया गया, वहीं उसका बेडरूम और बाथरूम था. लगातार पिटाई से वह इस तरह बीमार हो गई थी कि फर्श पर घिसट-घिसट कर चलने लगी थी. अगर गलती से सुनीता का पेशाब उसके कमरे से बाहर चला जाता तो उसे अपने मुंह से चाट कर पेशाब को साफ करना पड़ता था.

मामले का खुलासा तब हुआ जब सुनीता पर हो रहे जुल्म की जानकारी कार्मिक विभाग के एक अफसर विवेक बास्की को मिली. तो उन्होंने डीसी राहुल कुमार सिन्हा से इसकी शिकायत की. इसके बाद मैजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सुनीता को मुक्त कराया गया. विवेक बास्की की शिकायत पर ही रांची के अरगोड़ा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. अरगोड़ा थाना प्रभारी का कहना है कि सुनीता की स्थिति सुधरने पर धारा 164 के तहत अदालत में उसका बयान दर्ज कराया जाएगा.

शिकायत में यह भी बताया गया है कि सीमा पात्रा के बेटे आयुष्मान ने जब मेड सुनीता के साथ अपने परिवार में हो रहे जुल्म का विरोध किया तो उसकी मां से बहस हो गई और बाद में मां ने उसे मानसिक रोगी करार देते हुए रांची स्थित मानसिक अस्पताल रिनपास में भर्ती करा दिया. आयुष्मान अभी भी रिनपास में भर्ती है.
क्या कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। कैसे कोई किसी के साथ इस तरह का सलुख कर सकता है. ऐसा करने वाला इंसान तो नहीं हो सकता. जो पराया तो पराया बल्कि अपने बेटे के साथ भी ऐसा सलुख करे. खैर अब देखना होगा की सुनीता को जीते जी नरक में झौंकने वाली BJP नेता सीमा पात्रा के साथ पुलिस क्या करती है. क्या सुनीता को इन्साफ मिल पायेगा.