वेलिंगटन। भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में अपनी आक्रामक पारी से न केवल प्रशंसकों का दिल जीता है, बल्कि टीम प्रबंधन के समक्ष सलामी बल्लेबाजी के विकल्पों को लेकर एक सुखद चुनौती भी पेश कर दी है। नियमित ओपनर ईशान किशन के चोटिल होने के कारण मिले अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए वैभव ने मात्र 19 गेंदों में 45 रनों की तूफानी पारी खेली। इस धमाकेदार प्रदर्शन ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के टी-20 करियर को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
वैभव और अभिषेक की रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी
मैच में ईशान किशन की अनुपस्थिति में वैभव को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका मिला। दोनों युवाओं ने मिलकर महज 43 गेंदों में 133 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। इस आतिशी शुरुआत की बदौलत भारतीय टीम ने पावरप्ले के भीतर ही 100 से अधिक रन बना लिए। इससे पहले दूसरे टी-20 में नंबर तीन पर 8 रन बनाकर आउट होने वाले वैभव ने साबित कर दिया कि वह पारी की शुरुआत करने के लिए एक स्वाभाविक और बेहद प्रभावी विकल्प हैं।
संजू सैमसन के भविष्य पर मंडराए संकट के बादल
वैभव और अभिषेक की इस सफल नई ओपनिंग जोड़ी के उभरने से टीम का संयोजन मजबूत हुआ है, लेकिन इससे संजू सैमसन के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना बेहद कठिन हो गया है। लंबे समय से टीम से जुड़े रहने के बावजूद निरंतरता के अभाव में सैमसन अपनी जगह पक्की करने में संघर्ष करते रहे हैं। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि वैभव जैसी युवा प्रतिभाओं के आने से टीम की बेंच स्ट्रेंथ तो मजबूत हुई है, किंतु अब प्रबंधन के लिए अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच सही संतुलन बिठाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

