भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय टीम में शानदार वापसी की है। न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय स्क्वाड में चुने गए भुवनेश्वर शुरुआती दोनों टी-20 मुकाबलों की प्लेइंग-इलेवन का हिस्सा बनने में भी सफल रहे हैं। टीम में अपनी इस जोरदार वापसी पर खुलकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की अनावश्यक उम्मीदों से दूर रहकर पूरी तरह से अपने काम और वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने के कारण ही उन्हें यह सफलता हासिल हुई है।
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल को दिया वापसी का श्रेय
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा साझा किए गए एक साक्षात्कार में भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों के दौरान उन्होंने कभी भी भविष्य की चिंता नहीं की और केवल अपनी गेंदबाजी के स्तर को सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीम में चयन को लेकर उनके मन में कोई खास उम्मीद नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी फिटनेस, कौशल और मानसिक मजबूती पर पूरी मेहनत जारी रखी। उन्होंने अपनी इस वापसी का मुख्य श्रेय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में किए गए निरंतर प्रयासों को दिया, जहाँ उन्होंने बिना किसी दबाव के अपनी तैयारी को पुख्ता रखा।
बदलते क्रिकेट स्वरूप और गेंदबाजी की चुनौतियां
आधुनिक टी-20 क्रिकेट में आए बड़े बदलावों पर चर्चा करते हुए अनुभवी पेसर ने माना कि आज के समय में बल्लेबाजों का आक्रामक रवैया बढ़ गया है और दो सौ से अधिक का स्कोर आम बात हो गई है। इम्पैक्ट प्लेयर के नियम और बल्लेबाजों की बदलती मानसिकता के बावजूद उनका मानना है कि एक गेंदबाज के रूप में अपनी सूझबूझ और सही नजरिए से मैच को नियंत्रित किया जा सकता है। विदेशी दौरों और SENA देशों की मुश्किल परिस्थितियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कड़े हालातों में जीत हासिल करना हमेशा टीम का आत्मविश्वास बढ़ाता है।

