नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट मिलने से टीम का मनोबल बढ़ा है और अब वह दूने उत्साह से ओलंपिक की तैयारियों में लगेगी। मनप्रीत के अनुसार एशियाई खेलों में जीत से ये लाभ हुआ है कि टीम को सीधे ओलंपिक में जगह मिली है। जिससे अब उसके पास तैयारियों के लिएस काफी समय हो गया है। ऐसे में टीम अब आराम से अपनी कमजोरियों को दूसर करने पर काम कर सकती है। टीम के ओलंपिक जैसे बड़े आयोजन के लिए सुनियोजित तैयारी करने का समय मिल गया है। यह एक रणनीतिक लाभ है जो भारतीय हॉकी को विश्व मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत करने का अवसर देगा।
मनप्रीत ने कहा कि एशियाई खेल टीम के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव था । उन्होंने कहा, एशियाई खेल हमारे लिए एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट था। हमने इससे सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इसलिए हमें अब ओलंपिक क्वालीफायर राउंड नहीं खेलना पड़ेगा और इस दौरान हम अपने कौशल को बेहतर बनाने पर काम कर सकते हैं। इसके साथ ही जो चीजें कमजोर हैं उन पर ध्यान दे सकते हैं। मनप्रीत एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय हॉकी खिलाड़ी हैं। एक अनुभवी मिडफील्डर के रूप में, यह उपलब्धि उनके लिए और भी खास है, क्योंकि वह लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम के अभिन्न सदस्य रहे हैं। मैदान पर उनका अनुभव और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन टीम को बड़े टूर्नामेंटों में हमेशा सहारा देता रहा है, जिससे उनकी उपस्थिति टीम के लिए अमूल्य है।
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय टीम को ओलंपिक से पहले तैयारी के लिए इस तरह का अवसर मिला है। पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भी भारत ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतकर सीधा क्वालीफाई किया था। उस समय भी टीम को ओलंपिक से पहले अपनी रणनीतियों को धार देने और विभिन्न पहलुओं पर काम करने के लिए पर्याप्त समय मिला था। सीधे क्वालीफाई करने से मिलने वाला यह अतिरिक्त समय खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने का अवसर देता है, साथ ही टीम को अपनी रणनीतिक खामियों को दूर करने और नई योजनाओं को लागू करने में भी मदद मिलती है।

