रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ एकतरफा खेल दिखाते हुए खिताबी मुकाबले का टिकट कटा लिया है। धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर खेले गए इस नॉकआउट मैच में बेंगलुरु ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 254 रनों का विशाल और रिकॉर्ड तोड़ स्कोर खड़ा किया। जवाब में रनों के इस एवरेस्ट जैसे लक्ष्य के दबाव के आगे गुजरात की पूरी टीम महज 162 रनों पर ही सिमट गई।
बेंगलुरु की इस बेमिसाल जीत के मुख्य सूत्रधार कप्तान रजत पाटीदार रहे, जिन्होंने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र 39 गेंदों पर नाबाद 93 रनों की कप्तानी पारी खेली। पाटीदार के अलावा रनमशीन विराट कोहली, वेंकटेश अय्यर और देवदत्त पडिक्कल ने भी क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख अपनाया और गुजरात के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
"हम पहले ओवर से ही मैच पर हावी होना चाहते थे" — रजत पाटीदार
शानदार जीत के बाद आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टीम के सामूहिक प्रयास और निर्भीक रवैये की खुलकर सराहना की। पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में पाटीदार ने कहा, "एक यूनिट के रूप में हमारे लिए यह एक परफेक्ट मुकाबला था। बल्लेबाजों ने जिस तरह से शुरुआत से ही विरोधी टीम पर दबदबा बनाया और बेखौफ क्रिकेट खेली, वह वाकई काबिले तारीफ था।"
उन्होंने आगे रणनीति का खुलासा करते हुए कहा, "हमारा मुख्य फोकस इस बात पर था कि हमारी बॉडी लैंग्वेज से ही विपक्ष को यह संदेश मिल जाए कि हम सिर्फ जीतने के इरादे से उतरे हैं। टीम के हर एक खिलाड़ी में वह दृढ़ संकल्प और कॉन्फिडेंस साफ नजर आ रहा था। हमने रणनीतिक बैठक में पहले ही तय कर लिया था कि क्वालिफायर-1 जैसे बड़े नॉकआउट मंच पर हम रक्षात्मक होने के बजाय अपने आक्रमण को और धार देंगे। जिस तरह से लड़कों ने पूरी गेम को अपने कंट्रोल में रखा, उससे मुझे बेहद संतुष्टि मिली है।"
कप्तान शुभमन गिल का कबूलनामा, बोले— फील्डिंग ने डुबोई हमारी लुटिया
दूसरी ओर, करारी शिकस्त झेलने के बाद गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल बेहद निराश नजर आए। उन्होंने हार के मुख्य कारणों पर बात करते हुए खराब क्षेत्ररक्षण को जिम्मेदार ठहराया। गिल ने बेबाकी से स्वीकार किया, "मैदान पर हमारा प्रदर्शन बेहद साधारण और उम्मीद से काफी नीचे रहा। हमने कुछ बेहद महत्वपूर्ण कैच टपकाए और ग्राउंड फील्डिंग के दौरान भी कई फालतू रन लुटाए।"
गौरतलब है कि गुजरात द्वारा छोड़े गए जीवनदानों का बेंगलुरु के बल्लेबाजों, खासकर पाटीदार ने भरपूर फायदा उठाया। गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई नो-बॉल और मिसफील्ड ने आरसीबी को 250 पार पहुंचाने में अतिरिक्त मदद की। गिल ने कहा, "यह हमारे लिए एक बुरा दिन था और हम इस मैच की गलतियों को भुलाकर नए सिरे से अगले नॉकआउट मुकाबले पर ध्यान केंद्रित करना चाहेंगे।"
पावरप्ले में ही ताश के पत्तों की तरह ढह गया गुजरात का शीर्ष क्रम
255 रनों के असंभव से दिख रहे लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। टीम ने शुरुआती 6 ओवरों (पावरप्ले) के भीतर ही अपने चोटी के बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। खुद कप्तान शुभमन गिल मात्र 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जिससे पूरी टीम गहरे दबाव में आ गई। मध्यक्रम में 'कलरफुल स्टार' राहुल तेवतिया ने हार के अंतर को कम करने के लिए संघर्षपूर्ण जवाबी हमला किया और 43 गेंदों में 68 रनों की साहसिक पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण वे अपनी टीम को जीत की दहलीज तक नहीं ले जा सके।
शुभमन गिल ने मैच के बाद कहा कि अगर शुरुआती ओवरों में विकेट बचे रहते, तो कहानी कुछ और हो सकती थी। उन्होंने कहा, "इस मैदान की बाउंड्री और पिच के मिजाज को देखते हुए कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं था, बशर्ते हमारा पावरप्ले मजबूत रहता और हमें एक ठोस शुरुआत मिलती।"
अब लगातार दूसरे खिताब पर आरसीबी की नजरें
इस धमाकेदार जीत के साथ आरसीबी की टीम लगातार दूसरी बार आईपीएल के ग्रैंड फिनाले में कदम रख चुकी है और खिलाड़ियों का मनोबल इस समय सातवें आसमान पर है। वहीं, इस हार के बावजूद गुजरात टाइटंस का सफर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। फाइनल की रेस में दोबारा एंट्री पाने के लिए उन्हें अब क्वालिफायर-2 के रूप में एक और मौका मिलेगा, जहां उन्हें हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

