रोहित के खिलाफ चल रही चर्चाओं पर अश्विन का पलटवार, बताया क्यों जरूरी है कप्तान का साथ

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मौजूदा समय में स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर चल रही तमाम बहसों और अटकलों के बीच दोनों दिग्गजों का खुलकर समर्थन किया है। अश्विन का मानना है कि इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को जो योगदान दिया है, उसके बाद यह पूरी तरह से उनका अपना निजी अधिकार है कि वे कब और किस वक्त क्रिकेट के मैदान से संन्यास लेने का फैसला करें। हाल ही में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सीरीज के निर्णायक मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा द्वारा खेली गई शानदार 138 रनों की शतकीय पारी के बाद, अश्विन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जब तक ये दोनों महान खिलाड़ी देश के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं, तब तक उन्हें टीम से बाहर करने के बारे में कोई नहीं सोच सकता।

अश्विन बोले— विराट और रोहित के शानदार रिकॉर्ड और लोकप्रियता के आगे कोई नहीं छू सकता

रविचंद्रन अश्विन ने अपने आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान दो टूक अंदाज में कहा कि, "यदि वे दोनों आगे भी खेलना चाहते हैं, तो कोई भी व्यक्ति विराट कोहली और रोहित शर्मा को टीम से बाहर नहीं कर सकता।" उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा इन खिलाड़ियों के द्वारा बनाए गए उनके बेजोड़ और असाधारण अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड्स की वजह से है। अकेले रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में लगभग 12,000 रन दर्ज हैं। अश्विन ने आगे कहा कि वे देश के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं, जिनके दुनिया भर में करोड़ों प्रशसंक मौजूद हैं। स्टेडियम में सिर्फ उन्हें खेलते देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। यदि चयनकर्ता या प्रबंधन उन्हें अचानक ड्रॉप करने का जोखिम उठाता है, तो देश भर में एक बहुत बड़ा हंगामा खड़ा हो जाएगा।

रोहित शर्मा की शतकीय पारी और नियंत्रण की जमकर सराहना

मैदान पर रोहित शर्मा की क्लासिकल बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए अश्विन ने विश्लेषण किया कि एक बार जब हिटमैन क्रीज पर सेट हो गए और उन्होंने अपनी पारी में लय पकड़ ली, तो वे पूरी तरह से नियंत्रण में नजर आ रहे थे। अश्विन के मुताबिक, उन्हें देखकर ऐसा साफ महसूस हुआ कि रोहित उस मैच में और भी बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते थे। उनकी वह पारी तकनीकी रूप से बेहद उम्दा थी। खासकर गेंदबाज जोश टोंग की गेंद पर शानदार पुल शॉट खेलने के बाद वे पिच पर पूरी तरह जम गए थे। अश्विन ने माना कि अगर उस वक्त परिस्थितियां थोड़ी और अनुकूल होतीं या वे अत्यधिक आत्मविश्वास से लबरेज होते, तो वे आसानी से 180 रनों का आंकड़ा छूकर अकेले दम पर टीम इंडिया को मैच जिता सकते थे। उस दिन रोहित की फॉर्म और बल्लेबाजी का अंदाज वाकई गजब का था।

अब किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं, केवल आंतरिक इच्छा है मैदान पर टिके रहने की

रोहित और विराट के खेलने की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए अश्विन ने कहा कि, "वे आज अपने करियर के जिस मुकाम पर हैं और जिस शानदार तरीके से उन्होंने बल्लेबाजी की है, उनके लिए चीजें अब मुश्किल नहीं बची हैं। हमने उन्हें पिछले इतने वर्षों से देश के लिए मैच जिताते हुए देखा है। अब उन्हें दुनिया में किसी को भी कुछ नया साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।"

अश्विन के अनुसार, अब उनके पास साबित करने के लिए कुछ नहीं बचा है, बल्कि यह सब केवल उनके भीतर की उस बची हुई इच्छा और भूख की बात है कि वे आने वाले अगले वनडे विश्व कप (वर्ल्ड कप) में देश के लिए मैदान पर उतरना चाहते हैं, इसलिए वे खेल रहे हैं। रोहित का इस उम्र में मैदान पर डटे रहने का मकसद अब किसी आलोचक को जवाब देना या अपनी काबिलियत का लोहा मनवाना नहीं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत ख्‍वाहिश और देश के लिए एक बार फिर विश्व कप जीतने का सपना पूरा करना है।

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