नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के भीतर हुए कृपाण हमले के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर बाहर आए शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले को पंजाब का माहौल बिगाड़ने और शांति भंग करने की एक 'बड़ी राजनीतिक साजिश' करार दिया है। दरअसल, अस्पताल से बाहर निकलते ही पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह या उनकी पार्टी इस तरह के हमलों से डरने वाली नहीं है और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले किसी को भी राज्य का माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
'पंजाब पर कब्जा करने और शांति भंग करने की साजिश'
सुखबीर सिंह बादल ने हमले के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका मिशन पंजाब की स्थिति पर कब्जा करना और शांति को भंग करना है। अकाली दल का अध्यक्ष होने के नाते मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा। दोनों बार उन्होंने मुझ पर सबसे पवित्र स्थानों पर हमला किया है। भगवान मेरे साथ हैं। उन्होंने आगे कहा कि अकाली दल पंजाब के भाईचारे, गौरव और प्रगति के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। राज्य में धार्मिक और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
90 मिनट चली सर्जरी, डॉक्टर बोले- हालत खतरे से बाहर
नांदेड़ के यशोधाई अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने सुखबीर बादल की करीब डेढ़ घंटे तक सर्जरी की। नांदेड़ के जिलाधिकारी राहुल कर्डेल के अनुसार, सुखबीर बादल की दाईं बांह पर लगभग 5 सेंटीमीटर गहरा घाव आया था। डॉक्टरों ने बताया कि हमले में उनकी टेंडन और उलनार आर्टरी तंत्रिका (Ulnar Artery Nerve) क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे प्लास्टिक सर्जन की मदद से रिपेयर कर दिया गया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत को स्थिर और खतरे से बाहर बताया है, जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आरोपी जसपाल सिंह गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक, हमलावर की पहचान 60-62 साल के जसपाल सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पुणे का रहने वाला है और उसके पास कॉमर्स और लॉ की डिग्रियां हैं। वह पिछले दो सालों से गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत में सेवादार के रूप में काम कर रहा था। मुदखेड़ पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), धारा 353 (सरकारी काम में बाधा) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सुखबीर बादल को बचाते समय एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था, जिसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
8 महीने के भीतर दूसरा जानलेवा हमला
उल्लेखनीय है कि सुखबीर सिंह बादल पर बीते कुछ महीनों में यह दूसरा हमला है। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर धार्मिक सेवा के दौरान उन पर गोली चलाने का प्रयास किया गया था। नांदेड़ में हुए इस ताजा हमले के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पंजाब वापस लाया जा रहा है।

