कांस्टेबल की हत्या के मामले में बेटे पर आरोप, लुटेरों और बाहरी हमलावरों की बताई कहानी

चंडीगढ़ (चंडीगढ़)। चंडीगढ़ पुलिस के एक हेड कांस्टेबल की उन्हीं के बेटे द्वारा सोते समय गोली मारकर हत्या करने का अत्यंत सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक हेड कांस्टेबल नितिन (42 वर्ष) चंडीगढ़ पुलिस की अकाउंट ब्रांच में तैनात थे और वे अपने बेटे अरमान के प्रेम संबंधों का कड़ा विरोध करते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इसी वैवाहिक व प्रेम प्रसंग के विवाद को लेकर पिता और पुत्र के मध्य पिछले कई दिनों से लगातार कलह चल रही थी।

हत्या के पश्चात रची गई झूठी लूटपाट की कहानी

अपराध को अंजाम देने के उपरांत आरोपी अरमान ने पुलिस प्रशासन को गुमराह करने के शातिर प्रयास के तहत पहले एक बाहरी अज्ञात हमलावर और बाद में नकाबपोश लुटेरों के घर में घुसकर हत्या करने की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी। हालांकि, पुलिस की त्वरित और गहन कार्रवाई के चलते उसकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर एक सूखी हुई नाली से वारदात में प्रयुक्त अवैध देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है।

पत्नी द्वारा शव देखा जाना और पोल खुलना

इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा शुक्रवार की प्रातः लगभग आठ बजे हुआ। जब मृतक नितिन की पत्नी, जो स्वयं चंडीगढ़ पुलिस की एमओवी ब्रांच में अपनी सेवाएं दे रही हैं, अपने पति को जगाने के लिए उनके शयनकक्ष में पहुंचीं, तो वहां पति का खून से लथपथ शव देखकर उनके होश उड़ गए। पिछले कुछ दिनों से पिता और पुत्र के बीच जारी गहमागहमी के कारण उन्हें तुरंत अपने बेटे अरमान पर संदेह हुआ। जब उन्होंने अरमान से इस बाबत पूछताछ की, तो उसने टालमटोल करते हुए झूठा बयान दिया कि कोई बाहरी व्यक्ति घर के अंदर दाखिल हुआ था और उनके पिता को गोली मारकर फरार हो गया।

टी-शर्ट पर लगे खून के धब्बे और मां की चीख-पुकार

बेटे अरमान की इस मनगढ़ंत कहानी पर मां का विश्वास नहीं हुआ। इस दौरान उनकी नजर अरमान की टी-शर्ट पर लगे खून के निशानों पर पड़ी, जिससे उनका संदेह और अधिक पुख्ता हो गया। जब मां ने घबराकर रोते हुए घर से बाहर जाने का प्रयास किया, तो आरोपी पुत्र ने उन्हें रोकने की कोशिश की। किसी प्रकार मां घर की छत पर पहुंचने में कामयाब रहीं और वहां से जोर-जोर से चिल्लाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा करते हुए यह गुहार लगाई कि उनके बेटे अरमान ने ही उनके पति की हत्या कर दी है। उनकी चीख-पुकार सुनकर सरकारी आवासों में रहने वाले तमाम पड़ोसी मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

पुलिस अधिकारियों का घटनास्थल पर पहुंचना और साक्ष्य संकलन

सूचना मिलते ही सेक्टर-17 थाना पुलिस की टीम के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर, एसडीपीओ सेंट्रल एसपीएस सोंधी, क्राइम ब्रांच तथा अन्य आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके अतिरिक्त फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की विशेष टीमों को भी तत्काल साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। पुलिस ने पूरे परिसर को सुरक्षित करते हुए घटनास्थल से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य वैज्ञानिक तरीके से एकत्रित किए।

बार-बार बयान बदलना और खून से सनी टी-शर्ट की बरामदगी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी अरमान लगातार अपने बयान बदलता रहा। पहले उसने किसी अज्ञात बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की बात कही, और बाद में नकाबपोश लुटेरों द्वारा लूट के दौरान गोली मारने की बात दोहराई। दोनों बयानों में स्पष्ट विरोधाभास मिलने के कारण पुलिस का शक उस पर पूरी तरह गहरा गया।

मृतक की पत्नी ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना के वक्त अरमान ने जो टी-शर्ट पहनी हुई थी, उस पर खून के स्पष्ट धब्बे लगे थे, जिसे उसने बाद में बदल दिया था। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ करने के बाद आरोपी की निशानदेही पर वह खून से सनी टी-शर्ट भी बरामद कर ली है। वर्तमान में पुलिस इन सभी कपड़ों तथा अन्य मिले साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करवा रही है।

हरिद्वार से लाया गया था देसी कट्टा

पुलिस की तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अरमान इस सनसनीखेज वारदात में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा विशेष रूप से हरिद्वार से खरीदकर लाया था। अपने पिता की हत्या को अंजाम देने के पश्चात उसने साक्ष्य मिटाने की नीयत से उस हथियार को एक सूखी नाली में छिपा दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हथियार को अपने कब्जे में ले लिया है और उसकी बैलिस्टिक जांच कराई जा रही है।

प्रेमिका की गर्भावस्था और पूर्व के आपराधिक मामले

इस पूरे घटनाक्रम की जांच के दौरान अरमान के प्रेम प्रसंग का एंगल भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहाली की रहने वाली एक युवती करीब डेढ़ माह की गर्भवती है, और आरोपी अरमान उसी युवती से विवाह करने की जिद पर अड़ा हुआ था। पुलिस अब इस बिंदु पर भी गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या इस प्रेम संबंध और गर्भावस्था को लेकर परिवार में चल रहे तीव्र गतिरोध का इस हत्या की वारदात से कोई सीधा संबंध था अथवा नहीं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गर्भावस्था और हत्या के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

उल्लेखनीय है कि आरोपी अरमान पूर्व में भी एक गंभीर सड़क दुर्घटना के मामले में जेल की हवा खा चुका है। गत 25 फरवरी की रात्रि को कलाग्राम लाइट पॉइंट के निकट एक अनियंत्रित तेज रफ्तार थार गाड़ी ने दो बाइक सवार शिक्षकों को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसमें सहारनपुर निवासी 46 वर्षीय गुलशेर अली तथा 44 वर्षीय अब्दुल सुभान की मृत्यु हो गई थी। उस दुर्घटना के पश्चात अरमान घटनास्थल से फरार हो गया था, किंतु पुलिस ने वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया था और वह उस मामले में जेल जाने के बाद जमानत पर बाहर आया था।

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