गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत: पंजाब और चंडीगढ़ में भारी बारिश-ओलावृष्टि का रेड अलर्ट

पटियाला | पंजाब में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए राज्य में 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए भारी उलटफेर की चेतावनी दी है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने, ओले गिरने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव से ठीक पहले गुरुवार को बठिंडा में अदालत में पेशी पर आए महिमा सरजा गांव के रहने वाले वरिंदर सिंह (24) की अत्यधिक लू लगने से मौत हो गई, जबकि लू की चपेट में आने से तीन अन्य लोग अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

पंजाब में रेड और ऑरेंज अलर्ट, फसलों को नुकसान की आशंका

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शुक्रवार को पंजाब के अधिकांश हिस्सों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से विनाशकारी आंधी-तूफान आने और गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि व भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद शनिवार को 'ऑरेंज अलर्ट' प्रभावी रहेगा, जिसके तहत 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलेंगी। तापमान की बात करें तो फरीदकोट 45.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे तप्त इलाका रहा, जबकि बठिंडा में 45.0 डिग्री और फाजिल्का में 43.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पारे में औसतन 2.1 डिग्री की कमी जरूर आई है, लेकिन ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा आम जनता को बिजली के खंभों व पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

चंडीगढ़ और ट्राइसिटी में मौसम रहेगा सुहावना

भीषण तपिश झेल रहे चंडीगढ़ और ट्राइसिटी के निवासियों को भी अगले 48 घंटों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 29 और 30 मई को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और ओले गिरने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में तूफानी हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अनुमान है कि 31 मई और 1 जून को अधिकतम तापमान गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाएगा, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि, 2 जून से एक बार फिर मौसम साफ होने के साथ ही गर्मी का असर दोबारा बढ़ने के आसार हैं।

तेज आंधी से प्रदूषण में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन

प्रकृति के इस बदलते रुख और तेज धूल भरी आंधी के कारण ट्राइसिटी के पर्यावरण पर भी असर पड़ा है। हवा में धूल के महीन कणों के फैलने से लंबे समय बाद चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गिरकर 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। गुरुवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया, जिसमें सेक्टर-22 सबसे प्रदूषित (154 एक्यूआई) रहा। प्रदूषण के इस बढ़े हुए स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दमा, एलर्जी और सांस की दिक्कतों से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने, सुबह-शाम सैर पर न निकलने और घर से बाहर जाते समय अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी है। इसके साथ ही पर्यावरण को और नुकसान से बचाने के लिए सूखे पत्ते या कूड़ा न जलाने की अपील की गई है।

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