रैरंगपुर। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने एक दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत ओडिशा राज्य पहुंचे। इस विशेष प्रवास के दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार के सफलतापूर्वक दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री राज्य को 47,600 करोड़ रुपये से भी अधिक लागत वाली विभिन्न जनकल्याणकारी और ढांचागत विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इससे पूर्व, पश्चिम बंगाल के कलाइकुंडा वायुसेना स्टेशन से रवाना हुआ प्रधानमंत्री का विशेष एमआई-17 हेलीकॉप्टर मयूरभंज जिले के पहाड़पुर हेलीपैड पर उतरा, जहां ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने फूलों के गुलदस्ते भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति के पैतृक गांव में आगमन और वर्षगांठ समारोह का उल्लास
हेलीपैड पर औपचारिक स्वागत के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ससुराल के पैतृक गांव पहाड़पुर के लिए प्रस्थान कर गए। पहाड़पुर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एक साथ सम्मिलित हुए, जिसके उपरांत दोनों शीर्ष नेता राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य समारोह के लिए निकटवर्ती क्षेत्र रायरांगपुर पहुंचे। सरकार की इस गौरवशाली यात्रा के उत्सव को "विकास रा धारा, ओडिशा सारा" (अर्थात संपूर्ण ओडिशा में विकास की अविरल धारा) की विशेष थीम के अंतर्गत अत्यंत उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। विशेष बात यह भी रही कि राष्ट्रपति मुर्मू अपने 68वें जन्मदिन के अवसर पर अपने इस पैतृक क्षेत्र में पहुंची थीं, जहां स्थानीय समाज द्वारा पारंपरिक और रंगारंग तरीके से उनका भव्य स्वागत किया गया।
हजारों करोड़ की महापरियोजनाओं की सौगात और औद्योगिक अवसंरचना
इस विकास उत्सव के मंच से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, परिवहन, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में मुख्य रूप से 600 मेगावाट क्षमता वाली 'अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना' और 'आईबी थर्मल पावर स्टेशन' का द्वितीय चरण विस्तार शामिल है, जिसके तहत 660-660 मेगावाट की दो नई बिजली इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर क्षेत्र में 'भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड' (बीसीजीसीएल) परियोजना की नींव भी रखी जाएगी, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
शहरी विकास, कनेक्टिविटी विस्तार और डबल इंजन सरकार का संकल्प
इन वृहद ढांचागत सुधारों के अंतर्गत भुवनेश्वर में दैनिक 300 टन कचरे की क्षमता वाला सॉलिड वेस्ट-टू-कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने के लिए काठाजोड़ी नदी पर एक नए पुल का निर्माण तथा नुआपड़ा-घाटीपाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-353) का फोर-लेन चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही बौध जिले की आंतरिक सड़कों का सुदृढ़ीकरण, कुसुमदिही मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, इग्नू का क्षेत्रीय केंद्र और रायरांगपुर में एक आधुनिक इनडोर बैडमिंटन परिसर की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री की इस यात्रा को राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उड़ीसा के इतिहास में एक नया मील का पत्थर बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की यह 'डबल इंजन सरकार' रिकॉर्ड निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलावों के जरिए ओडिशा को 'विकसित भारत' का एक अग्रणी और समृद्ध विकास इंजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

