Thursday, January 29, 2026

Parliament security breach: दोनों सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित, विपक्ष गृहमंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री के बयान पर अड़ा

मंगलवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा. विपक्षी दल अपने सांसदों ने अपने निलंबन के साथ ही संसद सुरक्षा उल्लंघन पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बयान देने की मांग कर रहे थे. आज बी सदन में विपक्षी दलों ने तख्तियां दिखाईं और नारे लगाए, “पीएम सदन में आओ” “गृह मंत्री इस्तिफा दो”.
हंगामे के चलते पहले लोकसभा को 12.30 बजे तक स्थगित किया गया और फिर 2 बजे तक स्थगित किया गया. वहीं राज्यसभा को सुबह सीधे 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया. इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष हालिया विधानसभा चुनावों में हार से नाराज है.

विपक्ष ने गांधी प्रतिमा पर किया विरोध प्रदर्शन

मंगलवार सुबह संसद से सांसदों के निलंबन और संसद सुरक्षा चूक की घटना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, NCP प्रमुख शरद पवार समेत तमाम विपक्षी सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया.


लोगों को डराकर लोकतंत्र खत्म करना चाहते हैं-खरगे

इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देशभर में दौरे कर रहे हैं लेकिन सदन में नहीं आ रहे. ये सदन की गरिमा का अपमान है…बहुत सारे सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा अध्यक्ष ने निलंबित किया है, देश के इतिहास में पहली बार इतने सांसदों को निलंबित किया गया है. लोगों को डराकर लोकतंत्र खत्म करना चाहते हैं.


निलंबित सांसदों ने भी कर रहे है विरोध प्रदर्शन

वहीं निलंबित विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखा है. यहां TMC सांसद कल्याण बनर्जी राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल करते नज़र आए.

उनके दिमाग में विपक्ष का कोई औचित्य है- रामगोपाल यादव

अपने निलंबन से नाराज़ समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, “जिस तरीके संसद सदस्यों को निलंबित किया जा रहा है, उससे यह लगता नहीं है कि उनके दिमाग में विपक्ष का कोई औचित्य है… जो लोग कह रहे हैं कि INDIA गठबंधन में दम नहीं रहा वे मूर्खों के स्वर्ग में रह रहे हैं.”

विपक्ष का सीधा सवाल है कि सरकार 13 दिसंबर को संसद परिसर में हुई सुरक्षा में चूक पर बात क्यों नहीं करना चाहती है. उनका कहना है कि गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को इस मामले में बयान देना चाहिए. हलांकि पीएम मोदी पहले ही कह चुकें हैे कि ये मामला बहस का नहीं जांच का है.

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