मुरासु की रफ्तार थमी, लेकिन छह राज्यों में बारिश मचाएगी आफत

नेल्लोर। बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ भयंकर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद धीरे-धीरे निष्प्रभावी होने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, यह तूफान तड़के नेल्लोर और नरसापुर के मध्य ओंगोल क्षेत्र से गुजरते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ गया। तट रेखा को पार करते समय हवाओं की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही थी। इसके बाद बापटला के पास पहुंचते-पहुंचते हवा की रफ्तार में गिरावट आई और शाम तक यह बेहद धीमी पड़ गई। आने वाले समय में इसके और कमजोर होकर केवल एक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है, हालांकि इसके असर से पड़ोसी राज्यों में तेज हवाएं और वर्षा जारी रहेगी।

आपदा के कारण व्यापक जनजीवन अस्त-व्यस्त

इस मौसमी उथल-पुथल की वजह से आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में मुसलाधार बारिश तथा तूफानी हवाओं ने सामान्य जीवन की गति को रोक दिया है। अनगिनत वृक्षों और विद्युत पोलों के धराशायी होने से बुनियादी सुविधाओं को भारी क्षति पहुंची है। प्रभावित क्षेत्रों में जलजमाव होने से बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं, जिसके चलते राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश में तीन दर्जन से अधिक हवाई सेवाओं को रद्द करना पड़ा।

विभिन्न प्रदेशों में मौसम विभाग का अलर्ट

आगामी दिनों को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने तटीय आंध्र प्रदेश के निचले हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। इसके अतिरिक्त संचार तंत्र के प्रभावित होने और वृक्षों के गिरने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न उतरने के निर्देश दिए गए हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में अत्यधिक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। कई स्थानों पर बिजली कड़कने और तीव्र गति से आंधी चलने की संभावना के मद्देनजर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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