दिल्ली के लाल किला हमले को लेकर बड़ा अपडेट, जांच में सामने आया आतंकी लिंक

नई दिल्ली: राजधानी के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए विनाशकारी कार बम विस्फोट के मामले में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की नवीनतम मॉनिटरिंग रिपोर्ट में इस आतंकी वारदात का सीधा संबंध अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से बताया गया है। इस नए मोड़ ने पूरे मामले को वैश्विक स्तर पर और अधिक संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी अपनी तहकीकात में इस घटना के तार AQIS के सहयोगी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े होने की बात कह चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में बड़ा बदलाव

संयुक्त राष्ट्र की अल-कायदा और आईएसआईएस मामलों की निगरानी समिति द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए हमले का स्पष्ट जिक्र किया गया है। 13 अगस्त 2026 को सार्वजनिक हुई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वारदात के पीछे AQIS का हाथ था। यह नया दावा इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि फरवरी 2026 में आई पिछली वैश्विक रिपोर्ट में इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की आशंका जताई गई थी। शुरुआती दौर में अलग-अलग देशों के आकलनों में भिन्नता के कारण वैश्विक स्तर पर संदेह की स्थिति बनी हुई थी, जो अब काफी हद तक साफ होती दिख रही है।

भारतीय एजेंसियों के दावे पर लगी मुहर

यूएन की इस नई रिपोर्ट के सामने आने से भारतीय जांच एजेंसियों के शुरुआती दावों और निष्कर्षों को भारी मजबूती मिली है। एनआईए ने मामले की शुरुआती छानबीन में ही यह साफ कर दिया था कि धमाके की कड़ियां स्थानीय स्तर पर सक्रिय अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ी हैं, जो अल-कायदा का ही एक हिस्सा माना जाता है। वैश्विक स्तर पर AQIS का नाम सामने आने के बाद अब इस आतंकी हमले के पीछे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह बेनकाब करने में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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