भिवंडी: महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह जाने से छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि सात से आठ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
गुरुवार रात करीब 11:30 बजे हुआ हादसा
यह दुर्घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे पावरलूम नगरी के बालाजी नगर स्थित कोहिनूर बिल्डिंग में हुई। जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई की देर रात इमारत थोड़ी झुक गई थी, जिसे भांपते हुए वहां काम कर रहे कई मजदूर तुरंत बाहर भाग निकले थे। उस समय बिल्डिंग के अंदर रिपेयरिंग का काम चल रहा था, जिसके चलते हादसे के वक्त ज्यादातर लोग बाहर सुरक्षित आ चुके थे। एनडीआरएफ के जवानों ने मलबा हटाते समय शवों को बरामद किया और इसी दौरान टीम ने मलबे में दबी एक महिला को सकुशल बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
इमारत के खंभों की मरम्मत का चल रहा था काम
इस भयानक हादसे में बाल-बाल बचे दीपक कुमार यादव ने बताया कि पास की इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था और वे लोग रात का खाना खाकर सो चुके थे, तभी अचानक इमारत के गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। बाहर निकलते ही चारों तरफ अफरातफरी मची हुई थी और अपनी जान बचाने के लिए उन्हें पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। वहीं, बिल्डिंग गिरने के बाद अपने पति की तलाश कर रही स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके पति रंजीत सिंह कुछ चेक करने के लिए नीचे गए थे और उसके महज 10 मिनट बाद ही यह इमारत भरभराकर गिर गई, जिसके बाद से उनके पति लापता हैं और फोन पर घंटी जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल रहा है।
पहले ही खतरनाक घोषित की जा चुकी थी यह इमारत
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस चार मंजिला इमारत में कुल 48 कमरे बने थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इस जर्जर इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था, इसके बावजूद वहां भवन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे ही स्थानीय लोगों ने इमारत से तेज दरारें आने की आवाजें सुन ली थीं। खतरे को भांपते हुए कई परिवारों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन कुछ लोग जब बाहर निकल ही रहे थे कि तभी इमारत का 'बी' विंग अचानक ढह गया।
एनडीआरएफ और राहत टीमों द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मलबे में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। दुर्घटना स्थल पर डॉग स्क्वॉड, चार दमकल गाड़ियां, दो एंबुलेंस और भारी मशीनरी को तैनात किया गया है, ताकि मलबे में फंसे एक-एक व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

