गंभीर घायल छात्रा की मदद के लिए आगे आई सरकार, बंगलूरू में होगा बेहतर इलाज

अमरावती। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी विद्यालय की कक्षा में घुसकर 10वीं कक्षा की दो छात्राओं पर चेनसॉ (विद्युत आरी) से जानलेवा हमला कर दिया गया। इस नृशंस हमले में गंभीर रूप से घायल एक छात्रा को अत्यंत नाजुक स्थिति में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय उपचार हेतु बंगलूरू के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, अपनी सहेली की प्राण रक्षा करने के प्रयास में दूसरी छात्रा भी घायल हुई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार दोनों बालिकाओं के संपूर्ण इलाज का व्यय स्वयं वहन करेगी। इस वीभत्स घटना पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पुलिस प्रशासन को अभियुक्त को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

कक्षा में हुआ जानलेवा हमला और स्वास्थ्य की स्थिति

यह खौफनाक वारदात अनंतपुर जिले के राप्टाडु स्थित जिला परिषद हाई स्कूल परिसर में घटित हुई। पुलिस से प्राप्त प्राथमिक सूचना के अनुसार, एक सरफिरा व्यक्ति अनधिकृत रूप से विद्यालय के कमरे में दाखिल हुआ और वहां मौजूद दो बालिकाओं पर चेनसॉ से ताबड़तोड़ वार कर दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने घटना की भयावहता की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य रूप से निशाना बनाई गई छात्रा का दाहिना हाथ शरीर से पूरी तरह अलग हो गया, जबकि उसके चेहरे, गर्दन, सिर और पसलियों में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं। अत्यधिक रक्तस्राव और नाजुक हालत को देखते हुए अनंतपुर के सरकारी जनरल अस्पताल से विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसे तत्काल बंगलूरू भेजा गया, जहां उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

सहेली की अद्वितीय बहादुरी और वीरता पुरस्कार की सिफारिश

हमले के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाली दूसरी छात्रा दलित समुदाय से ताल्लुक रखती है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, उसने अपनी सहपाठी पर हो रहे हिंसक हमले को रोकने के लिए निडरता से बीच-बचाव किया। इस संघर्ष के दौरान उसके टखने में गंभीर कट लगा और हड्डी टूट गई, जिसके पश्चात उसे स्थानीय अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने संकट की इस घड़ी में अपनी मित्र की रक्षा के लिए दिखाई गई बालिका की अभूतपूर्व बहादुरी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है और उसका नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार हेतु सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को प्रेषित करने की सिफारिश की है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था

राज्य सरकार ने पीड़ित छात्रा के परिजनों की सहमति प्राप्त करने के तुरंत बाद उसे त्वरित रूप से बंगलूरू स्थानांतरित करने के पुख्ता प्रबंध किए। इस हेतु दो सर्वसुविधायुक्त एम्बुलेंस और विशेष चिकित्सा दल को तैनात किया गया था। अस्पताल ले जाए जाने से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं पीड़ित छात्रा से भेंट कर उसका ढांढस बंधाया। उन्होंने बताया कि गंभीर शारीरिक क्षतियों के बावजूद बालिका पूर्णतः होश में थी और उसने संवाद के दौरान अंगूठे का इशारा (थंब-अप) कर अपने मनोबल का परिचय दिया।

सुरक्षा तंत्र पर उठे सवाल और अभियुक्त की तलाश जारी

घटना के विस्तृत विवरण के अनुसार, आरोपी नागुलुरु गांव का निवासी है जो ऑटो रिक्शा के माध्यम से स्कूल के मुख्य द्वार से सीधे परिसर के अंदर प्रवेश कर गया था। विद्यालय में मजबूत चारदीवारी और सुरक्षा गार्ड (चौकीदार) की तैनाती होने के उपरांत भी आरोपी का इस प्रकार हथियार सहित निर्बाध रूप से भीतर पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। वारदात के बाद से ही आरोपी फरार है जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व आक्रोश व्यक्त करते हुए पुलिस को अभियुक्त को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाने और कठोरतम सजा दिलाने के कड़े आदेश दिए हैं।

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