ऑनलाइन ठगों का नया जाल! सुप्रीम कोर्ट की नकली वेबसाइट के जरिए बैंक खाते पर खतरा

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत की आधिकारिक वेबसाइट के नाम पर नागरिकों को चूना लगाने की एक शातिर साइबर ठगी की कोशिश का खुलासा हुआ है। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने मंगलवार को एक आधिकारिक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, जिसके माध्यम से देश की आम जनता को एक नकली और फर्जी वेबसाइट से पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त सलाह दी गई है। ऐसी प्रबल आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधी इस छद्म वेबसाइट के माध्यम से आम नागरिकों की संवेदनशील निजी जानकारियों और गुप्त वित्तीय डेटा को चुराने के कुत्सित प्रयास में जुटे हैं। रजिस्ट्री ने आमजन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि वे किसी भी अपरिचित या संदेहास्पद वेब लिंक पर अपनी कोई भी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी बिल्कुल साझा न करें।

फर्जी डोमेन का खुलासा और साइबर ठगी का नया पैंतरा

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ठगों द्वारा 'scigovinjudicial.com' नाम से एक पूरी तरह से फर्जी डोमेन तैयार किया गया है, जो हूबहू भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मूल आधिकारिक वेबसाइट जैसा होने का ढोंग रचता है। इंटरनेट पर सक्रिय ये साइबर अपराधी इसी मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट के जरिए भोले-भाले लोगों को अपने नापाक जाल में फंसाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इस फर्जी पोर्टल के मार्फत लोगों से उनके निजी पहचान पत्र, गोपनीय दस्तावेजों के विवरण और अन्य संवेदनशील सूचनाएं ऐंठने की कोशिश की जा रही है, जिनका उपयोग अपराधियों द्वारा अवैध वित्तीय लाभ कमाने या धोखाधड़ी के लिए किए जाने की पूरी आशंका है।

सुरक्षा के उपाय और आधिकारिक वेब पोर्टल की पहचान

इस प्रकार के ऑनलाइन जालसाजी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी इंटरनेट पोर्टल पर अपनी निजी अथवा वित्तीय प्रविष्टियां दर्ज करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की भली-भांति जांच अवश्य कर लें। किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा लिंक की सत्यता परखने के लिए उस पर कर्सर ले जाकर वास्तविक यूआरएल की पुष्टि कर लें। रजिस्ट्री ने याद दिलाया कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का एकमात्र असली और आधिकारिक वेबसाइट पता 'sci.gov.in' है, और नागरिकों को किसी अन्य फर्जी डोमेन से सावधान रहना चाहिए।

पूर्व में जारी चेतावनियां और धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत उठाए जाने वाले कदम

न्यायालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कोई पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट के नाम पर साइबर धोखाधड़ी का ऐसा मामला सामने आया हो, बल्कि इससे पहले भी 16 जुलाई 2025, 28 अप्रैल 2026 तथा 13 अगस्त 2026 को ऐसे फर्जीवाड़ों के विरुद्ध सार्वजनिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि कोई नागरिक अनजाने में इस प्रकार के फर्जीवाड़े का शिकार हो जाता है या उसे अपनी जानकारी लीक होने का संदेह होता है, तो उसे तुरंत अपने सभी ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदल देने चाहिए। इसके अतिरिक्त, बैंक खातों से जुड़ी किसी भी अनधिकृत गतिविधि या सेंधमारी की आशंका होने पर बिना किसी विलंब के अपने संबंधित बैंक को इसकी सूचना देनी चाहिए और आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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