सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर हालत में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (सागर) में उपचाराधीन हैं। इस भीषण त्रासदी के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है और मामले में अब तक 30 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आरोपियों में आबकारी के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी, आशीष साहू और यशवंत सिंह शामिल हैं।
70 रुपये में बिक रही थी मिथाइल अल्कोहल युक्त शराब
पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से लाइसेंसी ठेकेदारों ने शराब का एक नया और खतरनाक फॉर्मूला तैयार किया था, जिसे मात्र 70 रुपये प्रति क्वार्टर की दर से बेचा जा रहा था। इस शराब का सेवन करते ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच में स्पष्ट हुआ है कि शराब में जानलेवा मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी के कारण यह मौतें हुईं। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के अनुसार, वर्तमान में 4 मरीजों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है।
घटना पर गरमाई राजनीति, नेता प्रतिपक्ष ने लगाए आरोप
सागर में हुए इस हादसे के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है:
विपक्ष का दौरा: घटनास्थल पर पहुंचे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
आर्थिक सहायता का ऐलान: नेता प्रतिपक्ष ने अपनी ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की।
सरकार पर आंकड़े छिपाने का आरोप: सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस हादसे में हुई मौतों के वास्तविक आंकड़ों को छिपाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पीड़ित परिवारों को कम से कम 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

