महाकाल भस्म आरती के नियम बदले, अब ऑफलाइन परमिशन खत्म—सिर्फ ऑनलाइन एंट्री

उज्जैन : उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती का अनुभव हर भक्त के लिए बेहद खास होता है। लेकिन अब इस पवित्र आरती में शामिल होने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। महाकालेश्वर मंदिर समिति ने भस्म आरती के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है, जिससे श्रद्धालुओं को नई प्रक्रिया अपनानी होगी।

अब तक जहां भक्त घंटों लाइन में लगकर परमिशन लेते थे, वहीं अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इस बदलाव से जहां एक ओर सुविधा बढ़ी है, वहीं कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं, जिन्हें जानना हर भक्त के लिए जरूरी है।

भस्म आरती के लिए ऑफलाइन परमिशन पूरी तरह बंद
महाकाल भस्म आरती के नए नियमों के तहत अब ऑफलाइन परमिशन की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है। पहले मंदिर परिसर में काउंटर पर जाकर पर्ची कटवाने का सिस्टम था, लेकिन अब इसे बंद कर दिया गया है।

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और श्रद्धालुओं को राहत देना है। पहले भक्तों को 5 से 6 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। अब इस नई व्यवस्था से यह झंझट खत्म हो गया है और पूरा सिस्टम डिजिटल कर दिया गया है।

तत्काल कोटा हुआ ऑनलाइन, अब देना होगा शुल्क
पहले जो 300 परमिशन ऑफलाइन और मुफ्त मिलती थीं, अब उन्हें तत्काल कोटा के रूप में ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके तहत अब श्रद्धालुओं को 200 रुपए का शुल्क देना होगा।

यह बुकिंग दर्शन के एक दिन पहले सुबह 8 बजे खुलती है और “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर मिलती है। यानी जो पहले बुक करेगा, उसे ही मौका मिलेगा। महाकाल भस्म आरती के नए नियमों में यह सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि अब बिना ऑनलाइन बुकिंग के आरती में बैठकर शामिल होना संभव नहीं होगा।

एडवांस बुकिंग का समय घटाकर 1 महीना किया गया
महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए पहले श्रद्धालु 3 महीने पहले तक बुकिंग कर सकते थे। लेकिन अब इस अवधि को घटाकर सिर्फ 1 महीना कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब जून महीने की बुकिंग 1 मई से और जुलाई की बुकिंग 1 जून से शुरू होगी। इससे ज्यादा लोगों को मौका मिलेगा और बुकिंग में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। महाकाल भस्म आरती के नए नियमों का यह कदम भक्तों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि अब हर किसी को बराबर मौका मिलेगा।

संध्या और शयन आरती भी अब ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ी
महाकाल मंदिर ने सिर्फ भस्म आरती ही नहीं, बल्कि संध्या आरती और शयन आरती की बुकिंग भी ऑनलाइन कर दी है। इन आरतियों में बैठकर शामिल होने के लिए भक्तों को 250 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा। संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से शुरू होती है। इससे मंदिर की पूरी व्यवस्था अब डिजिटल हो गई है और हर आरती के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया तय कर दी गई है।

चलित दर्शन की सुविधा अब भी रहेगी जारी
जो श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते या शुल्क नहीं देना चाहते, उनके लिए चलित दर्शन की सुविधा अभी भी उपलब्ध रहेगी। इसमें भक्त लाइन में चलते हुए भगवान के दर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बैठने की अनुमति नहीं होगी। महाकाल भस्म आरती के नए नियमों में यह एक महत्वपूर्ण विकल्प है, जिससे हर भक्त को दर्शन का मौका मिल सके।

बुकिंग के लिए पहचान पत्र और फोटो जरूरी
ऑनलाइन बुकिंग करते समय श्रद्धालुओं को अपना फोटो और आधार कार्ड जैसे पहचान पत्र की जानकारी अपलोड करनी होगी। मंदिर में प्रवेश के समय भी वही असली पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। इससे सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी बुकिंग को रोका जा सके।

केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही करें बुकिंग
मंदिर समिति ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी बुकिंग सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट shrimahakaleshwar.mp.gov.in से ही मान्य होगी। श्रद्धालुओं को किसी भी अनधिकृत लिंक या दलालों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। अगर कोई गलत माध्यम से बुकिंग करता है, तो उसकी एंट्री मान्य नहीं होगी। महाकाल भस्म आरती के नए नियमों में यह सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है।
 

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