मध्य प्रदेश में कलेक्टरों के तबादले की तैयारी, 2017 बैच के अफसरों को मिल सकती है कमान

भोपाल: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र को और अधिक मजबूत और गतिशील बनाने के लिए जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार प्रदेश के 10 से अधिक जिलों के जिला कलेक्टरों को बदलने की पुख्ता तैयारी कर रही है। इस प्रस्तावित प्रशासनिक बदलाव में मुख्य रूप से उन जिलों को शामिल किया गया है, जहाँ लंबे समय से एक ही अधिकारी पदस्थ हैं। माना जा रहा है कि इस बार के तबादलों में वर्ष 2017 बैच के उन बचे हुए आईएएस अधिकारियों को भी जिलों की मुख्य कमान सौंपी जा सकती है, जिन्हें अब तक मैदानी स्तर पर कलेक्टर के रूप में काम करने का अवसर नहीं मिला है।

इन जिलों के कलेक्टरों को बदले जाने की चर्चा

प्रशासनिक गलियारों में जिन प्रमुख जिलों के कलेक्टरों के तबादले की चर्चा जोरों पर है, उनमें हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर, बालाघाट, पांढुर्णा, मंदसौर, सिंगरौली, नीमच, खंडवा, पन्ना और जबलपुर शामिल हैं। इसके अलावा प्रशासनिक कसावट लाने के लिए कुछ अन्य जिलों में भी फेरबदल किए जाने की पूरी संभावना है।

वरिष्ठता और नए अधिकारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

यह पूरी संभावित सूची और प्रशासनिक फेरबदल का अंतिम प्रारूप मुख्यमंत्री स्तर पर उच्चस्तरीय चर्चा के बाद ही तय किया जाएगा। सरकार की इस संभावित सूची में 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को प्रमुखता से स्थान मिलने की उम्मीद है। इस बदलाव के जरिए सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में वरिष्ठता, अनुभव और ऊर्जावान युवा अधिकारियों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है, ताकि मैदानी स्तर पर सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

संभाग स्तर और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव के आसार

जिला कलेक्टरों के अलावा कुछ प्रमुख संभागों में संभागीय कमिश्नर स्तर पर भी फेरबदल होने की चर्चाएं हैं। विशेष रूप से जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में नए कमिश्नर की पदस्थापना की जा सकती है। इसके अलावा इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) परीक्षित झाड़े को भी बदले जाने की चर्चा है। प्रशासनिक महकमे में चल रही इन चर्चाओं के बीच मंत्रालय और राजभवन स्तर पर भी कुछ महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

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