पुलिस ट्रांसफर पर सियासी असर: विधायकों की सिफारिशों का दबदबा

जबलपुर: मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर सर्जरी की तैयारी पूरी हो चुकी है। जबलपुर जिला पुलिस, ईओडब्ल्यू (EOW), लोकायुक्त, सीआईडी (CID) और एसएएफ (SAF) में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर के राजपत्रित अधिकारियों की नई तबादला सूची सोमवार या मंगलवार तक भोपाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा जारी किए जाने की प्रबल संभावना है। संस्कारधानी जबलपुर से लेकर भोपाल मुख्यालय तक ट्रांसफर की प्रशासनिक कवायद बेहद तेज हो गई है। पुलिस सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, जबलपुर जिले में पदस्थ करीब 9 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का दूसरे जिलों या जोन में ट्रांसफर होना लगभग तय माना जा रहा है।

हाल ही में जारी हुई एएसपी रैंक की ट्रांसफर लिस्ट में शामिल तेजतर्रार आईपीएस अनु बेनीवाल, आईपीएस आयुष जाखड़, एएसपी अखिलेश तिवारी और एएसपी मुकेश कुमार वैश्य जल्द ही जबलपुर में अपनी नई आमद दर्ज कराने वाले हैं। इनमें अखिलेश तिवारी को भोपाल मुख्यालय से विशेष रूप से जबलपुर का नया ट्रैफिक एएसपी बनाकर भेजा गया है। ये चारों आला अधिकारी सोमवार या मंगलवार तक जबलपुर पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लेंगे।

नेताओं की हरी झंडी के बाद लिस्ट तैयार, मनचाही पोस्टिंग के लिए लॉबिंग तेज

तबादलों की इस सुगबुगाहट ने पुलिस गलियारों में सरगर्मी और तनाव दोनों को काफी बढ़ा दिया है:

  • तबादले का आधार: समय अवधि (टेन्योर) पूरी कर चुके अधिकारियों के रूटीन ट्रांसफर के अलावा, स्थानीय विधायकों और मंत्रियों की अनुशंसा व सहमति से होने वाले तबादलों की यह अंतिम सूची भोपाल पुलिस मुख्यालय में पूरी तरह लॉक हो चुकी है।

  • नेताओं के चक्कर काट रहे अफसर: फेरबदल की इस अंतिम घड़ी में डीएसपी रैंक के कुछ अफसर अपनी मनपसंद फील्ड पोस्टिंग पाने के लिए लगातार बड़े सियासी आकाओं और आला अफसरों के यहां जुगाड़ बिठाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

  • इन विंग्स पर पड़ेगा सीधा असर: इस बड़े फेरबदल का व्यापक असर न केवल जिला पुलिस बल पर पड़ेगा, बल्कि एसएएफ, जीआरपी (रेलवे पुलिस), अजाक, लोकायुक्त संगठन, ईओडब्ल्यू, स्पेशल ब्रांच (SB), डीएसबी और सीआईडी जैसी अत्यंत संवेदनशील विंग्स की कार्यप्रणाली पर भी दिखेगा।

कसावट लाने की नई रणनीति: सीधे मुख्यालय तय करेगा अनुभाग

पुलिस महकमे के उच्च पदस्थ सूत्रों के बीच इस बात की भी जोरदार चर्चा है कि कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए इस बार विशेष रणनीति अपनाई जा रही है।

प्रशासनिक बदलाव की रणनीति: डीएसपी स्तर के कुछ चुनिंदा अधिकारियों की नई पदस्थापना उनके अनुभाग और संभाग के नाम के साथ सीधे भोपाल मुख्यालय द्वारा तय करके भेजी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य फील्ड में प्रशासनिक कसावट लाना और लंबे समय से एक ही मलाईदार सीट पर जमे अफसरों को हटाकर नए चेहरों को कमान सौंपना है, ताकि पुलिसिंग में नया जोश और तेजी दिखाई दे।

15 जून से पहले थानों के प्रभारियों (निरीक्षकों) की आएगी थोक सूची

गृह विभाग से जुड़ी विभिन्न इकाइयों में तैनात इंस्पेक्टर (निरीक्षक) और सब-इंस्पेक्टर (उप निरीक्षक) स्तर के अधिकारियों के थोकबंद तबादलों की उलटी गिनती भी शुरू हो चुकी है।

पद / रैंक सूची की स्थिति संभावित समय सीमा
एएसपी (ASP) व डीएसपी (DSP) पूरी तरह तैयार सोमवार या मंगलवार तक
थाना प्रभारी / निरीक्षक (Inspectors) अंतिम रूप दिया जा चुका है 15 जून से पहले

पुलिस मुख्यालय में इंस्पेक्टर और कार्यवाहक इंस्पेक्टरों के ट्रांसफर की फाइल पूरी तरह फाइनल हो चुकी है। माना जा रहा है कि 15 जून से पहले एक बहुत बड़ी सूची सामने आएगी, जिससे जबलपुर सहित कई जिलों के थानों की कमान और फील्ड स्तर का पूरा ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

कड़ा फरमान: ट्रांसफर के बाद 8 दिनों के भीतर जॉइनिंग देना अनिवार्य

इस बार पुलिस मुख्यालय ने साफ और कड़ा रुख अख्तियार किया है। नई ट्रांसफर सूची जारी होने के बाद स्थानांतरित किए गए सभी निरीक्षकों और अधिकारियों को हर हाल में अधिकतम 8 दिनों के भीतर अपने नए आवंटित जिले या थाने में उपस्थिति (जॉइनिंग) दर्ज करानी अनिवार्य होगी।

इसके तुरंत बाद संबंधित जिला मुख्यालयों द्वारा उन्हें स्थानीय थानों और महत्वपूर्ण चौकियों की जिम्मेदारी सौंपकर फील्ड में तैनात कर दिया जाएगा। नए एएसपी अधिकारियों की आमद से लेकर मैदानी अमले की रवानगी तक की पूरी रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है, ताकि इस भारी फेरबदल के दौरान भी शहर और ग्रामीण इलाकों की कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में एक पल के लिए भी कोई ढील न आने पाए।

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