सागर| मध्य प्रदेश के सागर जिले के मकरोनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत होटल पैराडाइज के ठीक सामने दिनदहाड़े हुए बहुचर्चित अंकित पटेल हत्याकांड मामले में पुलिस ने बेहद त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक के बाद एक कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी जय द्विवेदी, उसकी बहन (जो कि मृतक की पत्नी भी है) तथा उनके एक अन्य सहयोगी राजुल सेन को गिरफ्तार कर स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद सह-आरोपी राजुल सेन पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने छिपने के ठिकाने बदल रहा था। हालांकि, पुलिस की तकनीकी टीमों और सर्विलांस सेल ने कड़ी घेराबंदी करते हुए आखिरकार राजुल को बंडा स्थित एक रिश्तेदार के यहाँ से धरदबोचा।
हत्या के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां
इस सनसनीखेज हत्याकांड के तुरंत बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जय द्विवेदी, उसके साथी अनीष गौतम और राजुल सेन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने अपनी गहन जाँच का दायरा बढ़ाते हुए सोमवार को मुख्य आरोपी जय की बहन को भी इस पूरी आपराधिक साजिश में बराबर की साझीदार मानते हुए इस केस में आरोपी बना लिया। इस प्रकार, इस अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर केस) में अब तक कुल तीन मुख्य आरोपी कानून के शिकंजे में आ चुके हैं, जबकि इस घटना से जुड़े एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
क्या थी इस खूनी हत्याकांड की असली वजह?
पुलिस पूछताछ और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) ललित कश्यप द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष और हत्याकांड के पीछे पारिवारिक रंजिश तथा ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा और काला खेल सामने आया है। मृतक अंकित पटेल का विवाह मुख्य आरोपी जय द्विवेदी की बहन के साथ हुआ था, किंतु आपसी मनमुटाव और वैचारिक मतभेदों के चलते दोनों पति-पत्नी काफी समय से अलग रह रहे थे।
आरोप है कि मृतक अंकित अपनी पत्नी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। बात तब हद से पार हो गई जब मृतक ने आरोपी के एक अन्य दोस्त के मोबाइल फोन पर उसकी कुछ बेहद निजी और अश्लील तस्वीरें भेज दीं। इसके बाद वह उन फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इसी पारिवारिक अपमान, गुस्से और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर भाई-बहन ने मिलकर अंकित को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की एक खौफनाक साजिश रच डाली।
मोबाइल चैट और डिजिटल सबूतों से हुआ साजिश का पर्दाफाश
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से उनके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। इन फोन्स की तकनीकी जांच से मृतक और आरोपी पक्ष के बीच हुई व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chat) तथा बातचीत के कई अत्यंत महत्वपूर्ण और पुख्ता सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। इस बरामद चैट से इस बात की पूरी पुष्टि हो चुकी है कि अदालत (कोर्ट) में चल रहे कानूनी विवाद के निपटारे के बाद किस प्रकार अंकित को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस इस मामले में अन्य साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई में भी जुटी हुई है।

