एमपी विधानसभा में आज विशेष सत्र, कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में

भोपाल | मध्य प्रदेश की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक और गहमागहमी भरा रहने वाला है। प्रदेश सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में आज पहली बार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस की उम्मीद है। जहाँ भाजपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे 'छलावा' करार देते हुए सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है।


कांग्रेस का हल्लाबोल: "गुमराह करना बंद करे सरकार"

विशेष सत्र से ठीक पहले रविवार को राजधानी भोपाल की सड़कों पर कांग्रेस ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में निकाले गए विशाल पैदल मार्च के जरिए पार्टी ने भाजपा की नीतियों को "महिला विरोधी" बताया।

कांग्रेस की मुख्य माँगें:

  • तत्काल आरक्षण: लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिला आरक्षण को बिना किसी देरी (परिसीमन या जनगणना के इंतजार के) लागू किया जाए।

  • विधानसभा संकल्प: मध्य प्रदेश विधानसभा में भी महिला आरक्षण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र को भेजा जाए।

  • नीति स्पष्टीकरण: पटवारी ने आरोप लगाया कि विशेष सत्र केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए बुलाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत में महिलाएं असुरक्षित हैं।


विधानसभा सत्र का एजेंडा: पहली बार 'नारी शक्ति' पर केंद्रित चर्चा

आज सदन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर एक शासकीय संकल्प रख सकते हैं। इस सत्र की कुछ खास बातें:

  • अनूठा सत्र: संभवतः यह पहली बार है जब संसद से पारित होने की प्रक्रिया में रहे किसी विषय (आरक्षण बिल) पर राज्य विधानसभा में इस तरह की विस्तृत चर्चा आयोजित की जा रही है।

  • दोतरफा रणनीति: भाजपा इस सत्र के माध्यम से महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का श्रेय लेने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल इसे चुनावी स्टंट बताकर कानून-व्यवस्था और उपेक्षा के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे।


तीखी बहस के आसार

सदन में आज का माहौल काफी गरमाया रह सकता है। सत्ता पक्ष जहाँ अपनी योजनाओं और 'नारी शक्ति' के सम्मान की बात करेगा, वहीं कांग्रेस सरकार की 'नियत' पर सवाल उठाते हुए यह पूछेगी कि आखिर आरक्षण को लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।

Latest news

Related news