बायपास पर अधूरे फ्लायओवर- अंडरपास बने हादसों की वजह, बारिश से पहले काम पूरा करने के निर्देश

इंदौर | शहर के प्रमुख चौराहों और बायपास पर चल रहे फ्लायओवर व अंडरपास निर्माण की धीमी गति ने अब सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अर्जुन बड़ौद, झलारिया, एमआर-10 और रालामंडल में हो रही लेटलतीफी और इसकी वजह से बढ़ रहे हादसों को देखते हुए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपने निज निवास पर एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों की आपात समीक्षा बैठक बुलाई और काम की कछुआ चाल पर जमकर नाराजगी जाहिर की।


"जनता परेशान है, बहानेबाजी नहीं चलेगी": सिलावट

बैठक के दौरान मंत्री सिलावट ने बायपास पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और सर्विस रोड की बदहाली को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:

  • सर्विस रोड और लाइटिंग: बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और अधूरी सर्विस रोड के कारण न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी परेशान हो रहे हैं। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ठीक किया जाए।

  • हादसों पर लगाम: निर्माण कार्य में देरी की वजह से लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन तय

समीक्षा बैठक में मंत्री ने प्रमुख निर्माणाधीन कार्यों की समय-सीमा और गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश दिए:

  1. अर्जुन बड़ौद: यहाँ बन रहे 1 किमी लंबे 6 लेन रोड और 60 मीटर चौड़े अंडरपास का डामरीकरण जल्द पूरा कर, रोड मार्किंग और लाइटिंग के बाद टेस्टिंग शुरू करने को कहा गया है।

  2. झलारिया और एमआर-10: इन दोनों स्थानों पर बन रहे अंडरपास को मानसून (बारिश) शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।


नितिन गडकरी करेंगे लोकार्पण

मंत्री सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इन सभी विकास कार्यों का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य संपन्न होते ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को इनके औपचारिक लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक में मौजूदगी: इस उच्च स्तरीय बैठक में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव, अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव और मंडल अध्यक्ष रवि वाजपेई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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