भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पहुंचकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक जीवन और योगदान को याद करते हुए कई अहम बातें साझा कीं।
स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर लंबा राजनीतिक सफर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय श्रीनिवास तिवारी का स्मरण करते हुए बताया कि उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। वर्ष 1952 में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विंध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे। मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका एक लंबा और प्रभावशाली कार्यकाल रहा है। वे वर्ष 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे, तथा इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के मंत्रिमंडल में भी मंत्री पद के दायित्व का निर्वहन किया था। अपने अनूठे राजनीतिक अंदाज और रुतबे के चलते उन्हें 'सफेद शेर' के नाम से भी जाना जाता था।
लोकतांत्रिक परंपराओं के संवाहक
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा का स्थान सर्वोच्च होता है। स्व. श्रीनिवास तिवारी ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, संसदीय परंपराओं और विधायी प्रक्रियाओं के गहन ज्ञान के बल पर हमेशा विधानसभा के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखा। उनके द्वारा विधानसभा संचालन से जुड़े अनेक प्रसंग आज भी संसदीय कार्यप्रणाली के लिए प्रेरणादायी हैं।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा के दौरान विधायक भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, स्व. श्रीनिवास तिवारी के परिजन, अन्य जनप्रतिनिधि और विधानसभा के कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

