भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार के इस बड़े कदम से देश के लाखों कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा काफी व्यापक हो गया है, जिससे संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर विशेष प्रभाव
इस महत्वपूर्ण निर्णय से देश भर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ की अनिवार्य कवरेज के दायरे में आ जाएंगे। यदि बात करें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की, तो इन दोनों राज्यों के लगभग दो लाख नए कर्मचारी इस दायरे में शामिल हो जाएंगे। वर्तमान में इन दोनों राज्यों में ईपीएफ कैटेगरी के अंतर्गत आने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या 26 लाख से अधिक है, जो अब बढ़कर और अधिक हो जाएगी।
फैसले के मुख्य बिंदु और लाभ
वेतन सीमा में वृद्धि: ईपीएफओ के लिए अनिवार्य सदस्यता की मासिक वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 25,000 रुपये कर दिया गया है।
सामाजिक सुरक्षा का विस्तार: इस संशोधन से ऐसे हजारों कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF), पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, जो अब तक इस सीमा से बाहर थे।
व्यापक स्तर पर राहत: देश भर में 51 लाख से अधिक नए कामगारों के जुड़ने से संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों का भविष्य अधिक सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

