लव जिहाद फंडिंग केस में बड़ा एक्शन, अनवर कादरी गिरफ्तार; फर्जी आर्म्स लाइसेंस का भी मामला

इंदौर| मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लव जिहाद फंडिंग केस के कथित मास्टरमाइंड अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को गिरफ्तार कर लिया है। इंदौर की सदर बाजार थाना पुलिस ने उसे एक फर्जी आर्म्स लाइसेंस (हथियार लाइसेंस) के मामले में दबोचा है। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और इस अवैध धंधे में शामिल अन्य लोगों के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी बारीकी से जांच कर रही है कि फर्जी लाइसेंस बनवाने में आखिरकार कौन-कौन लोग संलिप्त थे और इसके लिए किन-किन कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ से बनवाया था फर्जी लाइसेंस

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अनवर पर यह गंभीर आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर 12 बोर की बंदूक का अवैध लाइसेंस बनवाया था। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अनवर ने खुद को एक ठेकेदार बताकर यह आर्म्स लाइसेंस हासिल किया था। आरोप है कि जब वह यह लाइसेंस बनवा रहा था, तब उसने अपने खिलाफ चल रहे पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी पूरी तरह से छिपाई थी और फर्जी कागजातों का सहारा लिया था।

लव जिहाद फंडिंग केस में भी रहा है मुख्य आरोपी

आपको बता दें कि अनवर का नाम इससे पहले बहुचर्चित 'लव जिहाद फंडिंग' मामले में भी मुख्य रूप से सामने आ चुका है। पुलिस के अनुसार, उस दौरान पकड़े गए आरोपियों साहिल और अल्ताफ के कथित बयानों के आधार पर ही अनवर को इस पूरे फंडिंग प्रकरण का कथित मास्टरमाइंड माना गया था। पूर्व में जमानत मिलने के बाद से ही अनवर लगातार पुलिस की पकड़ से दूर फरार चल रहा था। इस दौरान वह दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार अपने छिपने के ठिकाने बदल रहा था।

पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच

पुलिस इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच कर रही है कि लाइसेंस प्रक्रिया में किन-किन दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और उसकी लोकेशन को लगातार ट्रैक करके अंततः उसे धर दबोचा। सदर बाजार पुलिस ने आरोपी अनवर के खिलाफ आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े की विभिन्न धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस उसके बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) और मनी लॉन्ड्रिंग व फंडिंग के अन्य स्रोतों की भी गहराई से छानबीन कर रही है।

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