जबलपुर: भेड़ाघाट के पास ग्राम कूडऩ में स्थित मां त्रिपुरसुंदरी धाम तेवर के ठीक पीछे चल रही एक अवैध रेत खदान में रविवार की शाम को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस अवैध खदान में जब जेसीबी मशीन के जरिए सफाई और खुदाई का काम चल रहा था, तभी अचानक ऊपर से मिट्टी का एक बहुत बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भीषण मलबे की चपेट में आने से वहाँ काम कर रहा एक स्थानीय युवक पूरी तरह नीचे दब गया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में राहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक युवक की सांसें थम चुकी थीं।
प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के ग्रामीण, कार्रवाई न होने का लगाया आरोप
इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे क्षेत्र में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और गुस्से का माहौल बना हुआ है। मौके पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस इलाके में लंबे समय से माफियाओं द्वारा अवैध रेत खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने इस अवैध उत्खनन को लेकर पहले भी कई बार जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें दी थीं, लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर समय रहते इस अवैध खदान पर ताला लगा दिया जाता और दोषियों पर कार्रवाई होती, तो आज एक बेकसूर युवक को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।
जांच के नाम पर खनिज विभाग का अनभिज्ञ रवैया
मामले के तूल पकड़ने के बाद अब प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। गुस्साए ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ-साथ अवैध धंधा चलाने वाले मुख्य दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की है। दूसरी तरफ, जब इस गंभीर हादसे को लेकर जिला खनिज अधिकारी एसके राय से बात की गई, तो उन्होंने इस पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। खनिज अधिकारी के मुताबिक वे इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस से संपर्क साध रहे हैं और यदि जांच में यह बात सच साबित होती है कि हादसा अवैध रेत खनन की वजह से हुआ है, तो मामले की कड़ाई से जांच कर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।





